‘खाकी: द बंगाल चैप्टर’ में पुतुल के दमदार किरदार में मिथुन देबनाथ
नीरज पांडेय की चर्चित वेब सीरीज खाकी का दूसरा पार्ट ‘खाकी: द बंगाल चैप्टर’ नेटफ्लिक्स में रिलीज़ हो चुकी है। क्राइम, सस्पेंस, थ्रिलर से भरपूर यह सीरीज काफी सुर्खियां बटोर रही है। दी बिहार चैप्टर के बाद दी बंगाल चैप्टर में खूनी संघर्ष दर्शकों को बहुत लुभा रहे हैं। द बंगाल चैप्टर में बांग्ला सिनेमा के दिग्गज कलाकारों की भीड़ है जिसमें प्रोसेनजीत और जीत मुख्य भूमिका में है। साथ अन्य भूमिकाओं में कई कलाकारों ने शानदार अभिनय किया है। इसी में एक पात्र पुतुल का है जो बाघा गैंगस्टर का खास आदमी है और मानव तस्करी फैक्टरी को संभालता है। पुतुल एककम बोलने वाला खौफनाक किरदार है जिसे मिथुन देबनाथ ने अपने अभिनय से प्रभावशाली बना दिया है। मिथुन एफटीटीआई के छात्र रहें हैं और हिंदी बांग्ला की कई सिनेमा और सीरीज में काम कर चुके हैं। मिथुन ने एक खास बातचीत में द बंगाल चैप्टर में काम करने के अपने अनुभव को साझा किया।
‘खाकी: द बंगाल चैप्टर’ में आपकी भूमिका क्या है? किरदार से जुड़ी चुनौतियाँ कैसी रही।
मेरे किरदार का नाम पुतुल है, जो कि बाघा गैंगस्टर( सास्वत चटर्जी) के प्रमुख आदमियों में से एक है, और वह बाघा के अनेक गैर कानूनी धंधों में से एक 'स्केलटन फैक्ट्री' जिसमें इंसानी मृत शरीरों की अंगों की तस्करी की जाती है, उसे चलाता है। यह किरदार एक शांत कम बोलने वाला खतरनाक अपराधी है। हर काम , हर किरदार नयी चुनौतियां लेकर आता है, इसमें भी कई सारी थी। जैसे कम शब्दों में अपने किरदार को प्रभावशाली बनाना, किरदारों के महाकुंभ में खो न जाना... लेकिन निर्देशकों की जोड़ी तुषार कांति रे और देबातमा मंडल के निर्देशन ने चीजों को सरल कर दिया। हालांकि सबसे प्रमुख चुनौती थी 'एक्शन ' करना , लेकिन अब्बास अली मोघूल जी के निर्देशन में वह भी सहज हो गया।
बांग्ला सिनेमा के दिग्गज से भरी यह सीरीज से जुड़कर आप कैसा महसूस कर रहे हैं?
यह सचमुच गर्व की बात कि बांग्ला सिनेमा के लगभग सभी बड़े नाम इस सिरीज़ से जुड़ें हैं, जिनके साथ मुझे एकबार फिर काम करने सौभाग्य मिला। इसके लिए मैं कास्टिंग डायरेक्टर रूद्र ढलारिया और विक्की सिदाना का अत्यंत आभारी हूँ।
नीरज पांडे के मार्गदर्शन मे कार्य करने का अनुभव कैसा रहा?
नीरज सर इस सिरीज़ के शो रनर हैं। शूटिंग का SCHEDULE बहुत टाइट था , इस वजह से उनसे केवल एकआध बार ही मुलाक़ात और बातचीत हो पाई । ख़ासकर उस दिन, जिस दिन मेरा एक्शन सीन शूट हुआ , उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर प्रोत्साहन बढ़ाया। उनकी उपस्थिति ने ही उस दिन अलग जोश भर दिया था।
आपकी अपकमिंग फिल्मों या सीरीज के बारे में बतायें?
इस वर्ष दो हिंदी और एक एक बांग्ला फिल्म रिलीज़ होने की सम्भावना हैं , जिनके विषय में फ़िलहाल व्यावसायिक अनुबंध के कारण डिटेल में नहीं बता सकता । साथ ही दो और बांग्ला फिल्मों में काम करने की बात हो रही है | इसके अलावे साथ ही ख़ुद की लिखी एक हिंदी फिल्म का पोस्ट प्रोडक्शन शुरू होने वाला है , जिसकी शूटिंग फरवरी में हो चुकी है। और इस साल के अंत तक ख़ुद एक इंडिपेंडेंट फिल्म बनाने का भी प्लान है, जिसका स्क्रिप्ट का काम खत्म हो चुका है ।