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Dainik Vishwamitra

गुरुवार ३ अप्रैल

पीएसी के शताब्दी समारोह का कोविंद करेंगे उद्घाटन




नयी दिल्ली।देश में संसदीय परंपरा को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली संसद की लोक लेखा समिति के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित दो दिवसीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
पीएसी के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को यहां संसद भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी देते हुए बताया कि संसदीय लोकतंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पीएसी के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 4 एवं 5 दिसंबर को दो दिवसीय शताब्दी समारोह मनाया जाएगा। समारोह में शामिल होने के लिए 52 राष्ट्रमंडल देशों को न्योता भेजा गया था लेकिन कोविड के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के खतरे की वजह से कोई भी विदेशी प्रतिनिधिमंडल इसमें शामिल होने के लिए नहीं आ पा रहा हैं। कार्यक्रम के लिए पाकिस्तान को भी न्योता भेजा गया था लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।
श्री चौधरी ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। राज्य सभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला भी इस दौरान मौजूद रहेंगे। रविवार को होने वाले समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित रहें इसका प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन काल में 1921 में लोक लेखा समिति का गठन किया गया था। देश के आजाद होने और गणतंत्र बनने के बाद इसमें आमूल चूल परिवर्तन होना शुरू हुआ। वर्ष 1967 में सरकार ने फैसला किया कि समिति का अध्यक्ष विपक्ष के नेता को ही बनाया जाएगा और उसी समय से यह परंपरा चली आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की कमियों, गलतियों, खामियों और अनियमितताओं को पकड़ने और वित्तीय मामलों में सरकारी कामकाज पर निगरानी रखने में पीएसी की महत्वपूर्ण भूमिका है। पीएसी आजादी के बाद 1952 से लेकर 2021 तक अपनी 1699 रिपोर्ट जमा कर चुकी है।
पीएम केयर्स फंड के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए श्री चौधरी ने नियंत्रण और महालेखा परीक्षक-कैग को पीएसी का दिमाग बताते हुए कहा कि यह समिति कैग की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करती है लेकिन पीएम केयर्स फंड कैग के दायरे में नहीं आता है इसलिए इस पर वह कुछ नहीं कह सकते हैं। इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय ही कुछ कह सकता है।


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