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Dainik Vishwamitra

गुरुवार ३ अप्रैल

बीजिंग में भारत-चीन के बीच डब्ल्यूएमसीसी की 26वीं बैठक संपन्न, एलएसी पर शांति रहा चर्चा का केंद्र




भारत-चीन के बीच सीमा मामलों को लेकर परामर्श एवं समन्वय प्रणाली की बुधवार को 26वीं बैठक हुई। इस बैठक में पूर्वी लद्दाख के बचे हुए बिंदुओं से सेनाओं को हटाने के मुद्दे पर वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की बैठक को जल्द आयोजित करने को लेकर सहमति बनी।
बीजिंग में हुई डब्ल्यूएमसीसी की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) डॉ. शिल्पक आम्बुले ने की, जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व चीनी विदेश मंत्रालय में सीमा एवं समुद्री मामलों के विभाग के महानिदेशक यी शियानलियांग ने की।
दोनों देशों ने मीटिंग में एलएसी पर मौजूदा स्थिति को लेकर चर्चा की. इस दौरान भारत और चीन ने एलएसी के विवादित क्षेत्र से सैनिकों की वापसी के प्रस्ताव पर बात की. मीटिंग का उद्देश्य शांति की बहाली रहा.  बैठक में भारत औऱ चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सामान्य स्थिति बनाने को लेकर भी बात की गई.
डब्लयूएमसीसी की स्थापना 2012 में सीमा मामलों को लेकर बात करने के लिए हुई थी. साल 2019 के बाद पूर्वी लद्दाख की गलवान और अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में झड़प हुई थी. इस कारण इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है. 
बता दें कि भारत और चीन की सेनाओं के बीच अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में पिछले साल दिसंबर में झड़प हुई थी. इसको लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारतीय आर्मी ने जवाब दिया है. उन्होंने 3 जनवरी को कहा था कि हमारी सेना किसी भी चुनौती के लिए तैयार है.


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