नयी दिल्ली 25 मई दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने परिवार के साथ मतदान करने के बाद कहा कि उन्होंने तानाशाही, बेरोज़गारी और महंगाई के ख़िलाफ़ वोट डाला।
श्री केजरीवाल ने मतदान के बाद परिवार के साथ एक्स पर एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा “मैंने अपने पिता, पत्नी और बच्चों के साथ आज वोट डाला। मेरी माता जी की तबियत बहुत ख़राब है। वह नहीं जा पाईं। मैंने तानाशाही, बेरोज़गारी और महंगाई के ख़िलाफ़ वोट डाला। आप भी वोट डालने ज़रूर जाएँ।”
आप नेता गोपाल राय ने मतदान करने के बाद लोगों से वोट देने की अपील करते हुए कहा “संविधान को मजबूत करने के लिए, लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए एंव देश को मजबूत करने के लिए, घर से निकलकर मतदान जरूर करें।”
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने मतदान के बाद कहा कि चुनाव आयोग को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि चुनाव के दिन कुछ भी गलत न हो। अगर किसी जगह पर धीमी वोटिंग होगी तो हम पुलिस और अधिकारियों से इसे ठीक करने का अनुरोध करेंगे। धीमी वोटिंग से लोगों को गर्मी में परेशानी होती है।
आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का त्योहार है और भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। भारत के लोगों से हाथ जोड़कर अपील करूंगा कि वह संविधान को मजबूत करने, लोकतंत्र की रक्षा के लिए और तानाशाही का अंत करने के लिए वोट करें। हम सभी जानते हैं कि जब राजनीतिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था होती है तो सब कुछ संसद और विधानसभाओं के माध्यम से संचालित होता है। अच्छे प्रतिनिधि वहां जाएंगे तो स्कूलों, अस्पतालों, बिजली और पानी के लिए काम करेंगे।
उन्होंने इंडिया समूह के 300 से अधिक सीटें जीतने का दावा करते हुए कहा कि पूरे देश में भाजपा और एनडीए की हवा निकल चुकी है और उसका प्रमुख कारण है महंगाई, बेरोजगारी।
मशहूर गायक हंस राज हंस की पत्नी रेश्मा का आज दोपहर निधन हो गया है। वह करीब 60 साल की थीं और पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रही थीं।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का स्वास्थ्य खराब हो गया है। उनके ब्लड शुगर के स्तर में वृद्धि के कारण उनकी हालत बिगड़ी है।
नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल 2024 पेश किया, जिस पर करीब आठ घंटे की चर्चा हुई। बिल को केंद्र की सहयोगी पार्टियों TDP और जदयू ने समर्थन दिया, जबकि सपा नेता अखिलेश यादव ने इसका कड़ा विरोध किया। AIMPLB ने बिल को भेदभावपूर्ण बताते हुए देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।