- ममता की फटकार हुई कारगर- पूरे शहर में फुटपाथ से अवैध कब्जे को हटाने का अभियान
कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कल की फटकार का काफी असर हुआ है। अभी 24 घंटे नहीं बीते कि पुलिस और नगरपालिका अधिकारी फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने के लिए साल्ट लेक में उतरे। विधाननगर नगर निगम के वार्ड नंबर 37 और सेक्टर फाइव में आज सुबह से कई दुकानों के ढांचे को बुलडोजर से तोड़ दिया गया। नयनजुली (नालों) में भी विभिन्न स्थानों पर बांस के मचान और टिन के ढांचे से दुकानें बनाई गई थीं, जिन्हें नष्ट कर दिया गया है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स थाने की पुलिस ने कई दुकानदारों को आज शाम छह बजे तक अपना सारा सामान हटा लेने को कहा है। इसी तरह, कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल से सटे फुटपाथ को भी खाली कराने के लिए प्रशासन ने कदम उठाया है। गरियाहाट में भी फुटपाथ पर कब्जा जमाये दुकानदारों को एक दिन के अंदर अपना सारा सामान हटाने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ममता ने कल नबान्न नगर निकाय व्यवस्था के संबंध में बैठक बुलाई थी। उक्त बैठक में उन्होंने व्यवहारिक तौर पर नगर निगम मेयर, पार्षद, मेयर, मंत्री, विधायकों को जमकर फटकार लगाई। राज्य के दमकल मंत्री सुजीत बोस को संबोधित करते हुए ममता ने सीधे तौर पर कहा था, ''सुजीत पैसे लेकर लोगों को साल्ट लेक में बसा रहे हैं। साल्ट लेक की ओर देखा नहीं जा रहा है।''
हालांकि, प्रशासन में शामिल लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री इससे पहले भी कई आदेश दे चुकी हैं। कदम भी उठाए गए थे। कुछ दिनों बाद वही स्थिति उत्पन्न हो गई। अगर अब कदम उठाए गए हैं, तो भी प्रशासन में कई लोग इस बात को लेकर संशय में हैं कि यह कब तक चलेगा। हालांकि, सोमवार की बैठक के बाद पूरी तरह से तृणमूल भी आक्रोशित है। ममता ने सोमवार को यह भी कहा, ''सब कुछ एक दिन में नहीं होगा। मैं 15 दिनों तक देखूंगी!'' ममता ने मुख्य सचिव को यह देखने का निर्देश दिया कि उनके आदेश पर अमल हो रहा है या नहीं।