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Dainik Vishwamitra

गुरुवार ३ अप्रैल

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: मुस्लिम तलाकशुदा महिलाओं को भी गुजारा भत्ता का अधिकार




नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि सीआरपीसी की धारा 125 के तहत मुस्लिम तलाकशुदा महिलाओं को भी उनके पति से गुजारा भत्ता मांगने का अधिकार है। इससे साफ हो गया कि यह कानून सभी धर्मों की महिलाओं के लिए लागू होता है।
इस फैसले की बेंच में थीं जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह। उन्होंने अलग-अलग मामलों पर अपने-अपने विचार रखे। न्यायमूर्ति नागरत्ना ने इस फैसले के माध्यम से स्पष्ट किया कि धारा 125 सभी विवाहित महिलाओं के लिए होता है, न कि केवल विशेष धर्मों की।
मोहम्मद अब्दुल समद ने इस मामले में अपनी पत्नी के लिए गुजारा भत्ता मांगने की याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण-पोषण का हक मांगा था। इस तरह की मामलों में यह फैसला एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया और अधिकार संरक्षण है, जो समाज में समानता और न्याय को बढ़ावा देता है।


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