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Dainik Vishwamitra

गुरुवार ३ अप्रैल

नीति आयोग की बैठकमें नाराज हुईं ममता बनर्जी, बोली "मैं फिर कभी नहीं आऊंगी!'"



नई दिल्ली। दिल्ली में नीति आयोग की बैठक में शामिल होने आईं ममता बनर्जी अचानक नाराज होकर वहां से बाहर चली गईं। उन्होंने विपक्षी दलों से अलग रुख अपनाते हुए बैठक में भाग लिया था, लेकिन अब उनका कहना है कि वह भविष्य में इस बैठक में शामिल नहीं होंगी। यह नाराजगी उस समय उत्पन्न हुई जब उनका माइक बंद कर दिया गया था। सूत्रों के अनुसार, यह कहना गलत है कि नीति आयोग की 9वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में बंगाल की मुख्यमंत्री का माइक बंद किया गया। उनका बोलने का समय समाप्त हो चुका था, और इसके बाद भी बेल नहीं बजाई गई थी। उनकी बारी लंच के बाद आने वाली थी, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध पर उन्हें 7वें स्पीकर के रूप में बुलाया गया, क्योंकि उन्हें जल्दी लौटना था।
ममता बनर्जी ने कहा है कि उन्हें 5 मिनट से ज्यादा बोलने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि अन्य लोगों को 10-20 मिनट तक अपनी बात रखने का मौका मिला। जब उनकी बारी आई, तो उनका माइक बंद कर दिया गया। सीएम ने कहा, "जब मैं बोल रही थी, तो मेरा माइक बंद कर दिया गया। मैंने पूछा कि मुझे क्यों रोका गया और भेदभाव क्यों किया जा रहा है। मैं इस बैठक का हिस्सा हूं, इसलिए आपको खुश होना चाहिए। आप अपनी पार्टी के लिए अधिक गुंजाइश रखते हैं, जबकि मैं विपक्ष से अकेली हूं और मुझे बोलने से रोका जा रहा है। यह केवल बंगाल का नहीं, बल्कि सभी क्षेत्रीय दलों का अपमान है।"
ममता बनर्जी ने केंद्र पर राज्यों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है और कहा है कि यह बहुत अपमानजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अब नीति आयोग की बैठक में कभी नहीं आएंगी। उनका कहना है कि केंद्र सरकार को राज्यों के प्रति भेदभाव नहीं करना चाहिए। ममता ने यह भी कहा कि नीति आयोग के गठन के बाद से उन्होंने कोई काम होते नहीं देखा, क्योंकि उसके पास कोई वास्तविक शक्ति नहीं है। पहले योजना आयोग था, जिसमें उन्होंने व्यवस्था देखी थी। उन्होंने मांग की कि नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा स्थापित नीति आयोग को खत्म कर योजना आयोग को पुनर्स्थापित किया जाए।


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