राहुल गांधी का केंद्र पर हमला: बजट में युवाओं और किसानों को निराशा, देश को चक्रव्यूह में फंसाने का आरोप
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में आज राहुल गांधी ने बजट पर चर्चा में वित्त मंत्री पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हर युवा पेपर लीक पर वित्त मंत्री को सुनना चाहता था और इस बजट से किसान भी खुश नहीं हैं। राहुल गांधी ने कहा कि कोविड के दौरान छोटे बिजनेस खत्म हो गए, जिससे देश की रीढ़ की हड्डी टूट गई। उन्होंने कहा कि बजट में इंटर्नशिप प्रोग्राम की बात की गई है, लेकिन 99% युवाओं को इससे कोई फायदा नहीं होगा। इसका मतलब आपने पहले टांग तोड़ दी और फिर बैंडेज लगा रहे हैं।
राहुल ने कहा कि देश की पूरी अर्थव्यवस्था दो लोगों के हाथ में है, जो अडानी और अंबानी हैं। किरेन रिजिजू द्वारा टोके जाने पर राहुल ने कहा कि अब मैं नाम नहीं लूंगा, लेकिन ए1 और ए2 कहूंगा। राहुल गांधी ने कहा कि देश में 21वीं सदी में एक नया चक्रव्यूह रचा जा रहा है, जिसमें युवाओं और किसानों को फंसाया जा रहा है। इस बजट में युवाओं के लिए कुछ नहीं किया गया है और उन्हें रोजगार नहीं दिया गया है।
राहुल गांधी ने महाभारत की कथा का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी ने देश की जनता को चक्रव्यूह में फंसाया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह महाभारत में अभिमन्यु को चक्रव्यूह में फंसाकर मारा गया था, आज देश की जनता के साथ भी वही हो रहा है। चक्रव्यूह का एक और नाम 'पद्म व्यूह' होता है, जो लोटस के आकार में होता है। राहुल ने कहा कि 21वीं सदी में नए चक्रव्यूह में छह लोग शामिल हैं, जो नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, अजित डोभाल, अंबानी और अदाणी हैं। इन लोगों ने देश की अर्थव्यवस्था को संभाल रखा है और छोटे उद्योगों को खत्म कर दिया है, जिससे युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। किसानों ने एमएसपी पर लीगल गारंटी मांगी है, लेकिन सरकार उनसे बात करने को तैयार नहीं है।