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Dainik Vishwamitra

गुरुवार ३ अप्रैल

कोलकाता में रात की ट्रैफिक निगरानी की सख्ती बढ़ाई




कोलकाता। कोलकाता में ट्रैफिक पुलिस ने रात की निगरानी को मजबूत करने के लिए नई गाइडलाइन (एसओपी) जारी की है। इस गाइडलाइन के माध्यम से पहले से मौजूद नियमों को फिर से अधिकारियों को याद दिलाया गया है। यह कदम विशेष रूप से आरजी टैक्स घटना के बाद उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए उठाया गया है, जिससे ट्रैफिक पुलिस के इस निर्देश का महत्व और बढ़ जाता है। नई गाइडलाइन के अनुसार, रात में फेस सर्चिंग पर विशेष जोर दिया गया है। हर अधिकारी के पास एक बॉडी कैमरा होगा, जो यह सुनिश्चित करेगा कि रात के हर पल को रिकॉर्ड किया जाए। अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान हर समय सतर्क रहने को कहा गया है और किसी भी संदिग्ध घटना की सूचना तत्काल दी जाए। आवश्यक होने पर, लालबाजार नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट किया जाए।

एक अधिकारी रात में वाहनों की तलाशी का प्रभारी होगा। वह यह सुनिश्चित करेगा कि वाहन यातायात नियमों के अनुसार चल रहे हैं, गति नियंत्रित है, कोई बिना हेलमेट के तो नहीं चल रहा है, और वाहन चालक नशे में तो नहीं है। एक अन्य अधिकारी अपने क्षेत्र में गश्त करेंगे, विशेष ध्यान अस्पतालों, सरकारी संस्थानों, ऊंची इमारतों और शॉपिंग मॉल जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर दिया जाएगा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की स्थिति की भी निगरानी की जाएगी। किसी भी संदिग्ध घटना की सूचना ट्रैफिक कंट्रोल रूम को दी जाएगी और यदि आवश्यक हो तो संबंधित विभाग के उपायुक्त को भी सूचित किया जाएगा।

रात्रि निगरानी के प्रभारी अधिकारियों को किसी भी अपराध की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करनी होगी। इन सभी अधिकारियों के नाम और ड्यूटी रिकॉर्ड हर दिन दर्ज किए जाएंगे और लालबाजार स्थित मुख्य नियंत्रण कक्ष को भेजे जाएंगे। ट्रैफिक पुलिस के ओसी को हर दिन नाइट ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को काम की जानकारी और निर्देश देना होगा।

सड़क पर हो रहे खुदाई के काम पर भी अधिकारियों को नजर रखनी चाहिए और किसी समस्या की सूचना उच्च अधिकारियों को देनी चाहिए। रात्रि ड्यूटी पर तैनात अधिकारी बॉडी कैमरे का उपयोग करेंगे, जो हमेशा सक्रिय रहेगा और सभी घटनाओं को दर्ज करेगा। एसी या इंस्पेक्टर रैंक का अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि अधिकारी ठीक से काम कर रहे हैं और सतर्क हैं। प्रत्येक अधिकारी को कुछ हथियार भी रखने चाहिए।

गौरतलब है कि 9 अगस्त को आरजी कर अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना हुई थी, जिससे राज्य में सुरक्षा को लेकर हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं, और ट्रैफिक पुलिस की ओर से रात में कड़ी सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है। कई लोगों का मानना ​​है कि सुरक्षा सुनिश्चित करने और अप्रिय घटनाओं से बचने के लिए पुलिस अधिक सक्रिय हो गई है।

 


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