गोरखपुर, 27 अगस्त अनुशासन प्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व्यस्त दिनचर्या के बावजूद ईश्वर की आराधना और गोसेवा के लिये समय निकाल ही लेते हैं। सोमवार को बंशीधर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद योगी ने मंगलवार की शुरुआत गोरखनाथ मंदिर में गोसेवा से की।
सोमवार रात गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाने के बाद श्री योगी ने आजसुबह मंदिर की गोशाला में गोसेवा की। उन्होंने गोशाला का भ्रमण कर गोवंश का हाल जाना और उन्हें खूब दुलारकर अपने हाथों से गुड़ और केला खिलाया।
सोमवार देर रात तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी अनुष्ठान में व्यस्त रहने के बावजूद मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने प्रातःकाल गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर मत्था टेका। सीएम योगी जब भी गोरखनाथ मंदिर में होते हैं तो गोसेवा उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा रहती है। मंगलवार सुबह वह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मंदिर की गोशाला में पहुंचे और वहां कुछ समय व्यतीत किया। गोशाला में योगी ने चारों तरफ भ्रमण करते हुए श्यामा, गौरी, गंगा, भोला आदि नामों से गोवंश को पुकारा। उनकी आवाज इन गोवंश के लिए जानी पहचानी है। प्यार भरी पुकार सुनते ही कई गोवंश दौड़ते-मचलते हुए उनके पास आ गए। मुख्यमंत्री ने सभी के माथे पर हाथ फेरा, उन्हें खूब दुलारा और अपने हाथों से उन्हें गुड़ और केला खिलाया। मुख्यमंत्री ने गोशाला के कार्यकर्ताओं से सभी गोवंश के स्वास्थ्य व पोषण की जानकारी ली और देखभाल के लिए जरूरी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर ने मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान परिजनों के साथ आए बच्चों पर भी खूब प्यार लुटाया। मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान ही मुख्यमंत्री की नजर परिजनों के साथ आए बच्चों पर पड़ी तो उन्होंने सबको अपने पास बुला लिया। सभी बच्चों से उनका नाम पूछा, कहां से आए हैं और किस क्लास में पढ़ते हैं, इसकी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बच्चों से बेहद आत्मीय तरीके से संवाद करने के साथ उनसे हंसी ठिठोली भी की। सबके माथे पर हाथ फेरकर प्यार-दुलार और आशीर्वाद दिया कि खूब मन लगाकर पढ़ो और खूब आगे बढ़ो। विदा करते वक्त हमेशा की तरह उन्होंने बच्चों को चॉकलेट गिफ्ट किया।
मशहूर गायक हंस राज हंस की पत्नी रेश्मा का आज दोपहर निधन हो गया है। वह करीब 60 साल की थीं और पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रही थीं।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का स्वास्थ्य खराब हो गया है। उनके ब्लड शुगर के स्तर में वृद्धि के कारण उनकी हालत बिगड़ी है।
नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल 2024 पेश किया, जिस पर करीब आठ घंटे की चर्चा हुई। बिल को केंद्र की सहयोगी पार्टियों TDP और जदयू ने समर्थन दिया, जबकि सपा नेता अखिलेश यादव ने इसका कड़ा विरोध किया। AIMPLB ने बिल को भेदभावपूर्ण बताते हुए देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।