लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर में तीन मंजिला इमारत ढही, 8 की मौत, 22 घायल
लखनऊ। ट्रांसपोर्टनगर में स्थित तीन मंजिला हरमिलाप कॉम्प्लेक्स भारी बारिश के बीच करीब साढ़े तीन बजे अचानक ढह गया। इस कॉम्प्लेक्स में चार गोदाम थे, जिनमें दवा और इंजन ऑयल कंपनियां शामिल थीं, और वहां 30 से अधिक लोग काम कर रहे थे। मलबे में दबकर व्यापारी जस्मीत साहनी समेत आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। राहत कार्य देर रात तक चलता रहा।
राहत अभियान में पुलिस, दमकल विभाग के साथ-साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी लगी हुई थीं। कटर के माध्यम से मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकाला जा रहा था। प्रशासन के मुताबिक, मृतकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, ट्रांसपोर्टनगर व्यापार मंडल और वेयरहाउस के प्रवक्ता राजनरायण सिंह ने बताया कि जलभराव की वजह से इमारत की नींव कमजोर हो गई थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि इस समस्या की कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
गोंडा निवासी दीपक कुमार, जो घटना के समय इमारत के अंदर मौजूद थे, ने बताया कि वह दवा कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने देखा कि इमारत का पिलर एक ओर धंसने लगा, जिससे पूरी इमारत झुक गई। दीपक ने लोगों को बाहर निकलने के लिए आवाज़ दी, लेकिन इससे पहले कि कोई बाहर निकल पाता, इमारत अचानक गिर गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे से एक घंटे पहले एक पिलर से प्लास्टर गिरा था। कुछ लोगों ने आशंका जताई कि संभवतः पिलर से किसी ट्रक की टक्कर हुई होगी। जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार का कहना है कि इमारत गिरने की असली वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन सेल प्रभारी अतुल कृष्ण सिंह ने जानकारी दी कि इमारत कुमकुम सिंघल की थी और इसका मानचित्र 31 अगस्त 2010 को स्वीकृत हुआ था।