अचानक धरना स्थल पर पहुंची ममता, कहा - मुख्यमंत्री नहीं, दीदी के रूप में आई हूँ
कोलकाता। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले में हजारों जूनियर डॉक्टर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वास्थ्य विभाग के बाहर धरना स्थल पर जाकर प्रदर्शनकारियों को समर्थन दिया, जहां "वी वांट जस्टिस" के नारे लग रहे थे। उन्होंने कहा, "मैं आपकी पीड़ा को समझती हूं और आपके साथ हूं। मुझे अपने पद की कोई चिंता नहीं है। मैंने भी छात्र जीवन में कई आंदोलनों का हिस्सा लिया है। हमारी प्राथमिकता आपकी सुरक्षा है। यहां मुख्यमंत्री नहीं, दीदी के रूप में आई हूँ।" जूनियर डॉक्टर पिछले महीने से इस घटना के न्याय की मांग कर रहे हैं। गुरुवार, 12 सितंबर को, लाइव प्रसारण की मांग के कारण ममता बनर्जी और डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल के बीच बैठक नहीं हो सकी। ममता के साथ डीजीपी राजीव कुमार भी थे। जैसे ही ममता वहां पहुंचीं, स्थिति तनावपूर्ण हो गई, लेकिन उन्होंने डॉक्टरों से शांति बनाए रखने और अपनी बात रखने का मौका देने की अपील की।
ममता बनर्जी ने यह भी कहा, "मैं सीबीआई से दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग करती हूं। आपके आंदोलन की मैं सराहना करती हूं, क्योंकि मैं भी छात्र आंदोलनों का हिस्सा रही हूं। आपकी समस्याओं के कारण मैं रातों को सो नहीं सकी हूं। अगर आप काम पर लौटते हैं, तो मैं वादा करती हूं कि आपकी सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।"
साल्ट लेक में स्वास्थ्य विभाग के दफ्तर के बाहर जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी रहा, भले ही मूसलधार बारिश हो रही हो। शनिवार, 14 सितंबर 2024 को, प्रदर्शनकारी डॉक्टर अनिकेत महतो ने कहा, "हम तब तक प्रदर्शन जारी रखेंगे जब तक मृतका को न्याय नहीं मिल जाता और हमारी अन्य मांगें पूरी नहीं हो जातीं, चाहे मौसम कोई भी हो।"
डॉक्टर सौम्या चक्रवर्ती ने कहा, "अगर कोई हमें अड़ियल और जिद्दी समझता है, तो यह गलत है। हम नेता नहीं, चिकित्सक हैं। यहां कोई राजनीति नहीं है। हमारा उद्देश्य केवल स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाना है।"