शुभेंदु के ‘गढ़’ में बीजेपी को झटका, तृणमूल की जयकार
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के ‘गढ़’ में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। कांथी सहकारी बैंक के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशियों ने एकतरफा जीत दर्ज की। 108 सीटों में से तृणमूल ने 101 सीटें अपने नाम कर लीं, जबकि बीजेपी को मात्र 6 सीटें मिलीं। शेष एक सीट पर एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की।
चुनाव परिणाम के बाद तृणमूल विधायक अखिल गिरि ने कहा, "अब तक हमने 101 सीटें जीती हैं, जबकि बीजेपी और निर्दलीय ने मिलकर केवल 7 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस चुनाव ने स्पष्ट कर दिया है कि ममता बनर्जी की लोकप्रियता और मजबूत हो गई है। न सिर्फ कांथी, बल्कि सभी बूथों पर बीजेपी के उम्मीदवारों का खाता तक नहीं खुला। जनता ने पूरी तरह से बीजेपी को नकार दिया है।"
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांथी सहकारी बैंक के चुनाव में जीत का जिम्मा पूर्व मेदिनीपुर के रामनगर के विधायक अखिल गिरि को सौंपा था। जीत के बाद अखिल ने कहा, "लंबे समय से यहां कानूनी अड़चनों के जरिए चुनाव को रोकने की कोशिश हो रही थी। राज्य में पहली बार केंद्रीय बलों की मौजूदगी में चुनाव हुआ, जो पश्चिम बंगाल के लिए शर्मनाक है। इसके बावजूद जनता ने बीजेपी को पूरी तरह खारिज कर दिया।"
दूसरी ओर, शुभेंदु अधिकारी के भाई और बीजेपी नेता दिव्येंदु अधिकारी ने तृणमूल पर चुनाव में हिंसा करने का आरोप लगाया। दिव्येंदु ने कहा, "पश्चिम बंगाल में कहीं भी सामान्य चुनाव नहीं होते, यह कांथी सहकारी बैंक चुनाव में स्पष्ट हो गया। राज्य की स्थिति ऐसी है कि सहकारी बैंक चुनाव के लिए भी अभूतपूर्व तरीके से केंद्रीय बलों को तैनात करना पड़ा। इसके बावजूद कई बूथों पर अशांति फैलाई गई। बीजेपी के वोटरों को बूथ तक पहुंचने से रोका गया। इस चुनाव ने दिखा दिया कि आम लोग अपनी राय व्यक्त करने में असमर्थ रहे।"