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Dainik Vishwamitra

गुरुवार ३ अप्रैल

ममता सरकार ने सभी विभागों से कर्मचारियों की संख्या की जानकारी मांगी




कोलकाता। राज्य के विभिन्न विभागों में कितने कर्मचारी कार्यरत हैं, इस संबंध में राज्य सरकार के अधीनस्थ सभी विभागों से जानकारी मांगी गई है। यह जानकारी कर्मचारी कल्याण और प्रशासनिक सुधार विभाग (जिसे प्रशासनिक भाषा में 'PAR' विभाग कहा जाता है) ने तलब की है। यह विभाग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हाथ में है। नए वर्ष की शुरुआत में इस विभाग द्वारा राज्य के सभी विभागों को व्यक्तिगत रूप से पत्र भेजा गया है। नवान्न से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विशेष रूप से सचिवालयों में लोअर डिवीजन असिस्टेंट (LDA), अपर डिवीजन असिस्टेंट (UDA), हेड असिस्टेंट और सेक्शन ऑफिसर पदों पर कुल अनुमोदित पदों और वहां कार्यरत कर्मचारियों की संख्या की विस्तृत जानकारी मांगी गई है। यह जानकारी 31 जनवरी तक मुख्यमंत्री के कार्यालय में जमा करनी होगी।

मुख्यमंत्री द्वारा अचानक यह विस्तृत जानकारी क्यों मांगी गई है, इसे लेकर प्रशासनिक हलकों में अटकलें और चर्चाएं शुरू हो गई हैं। प्रशासनिक हलकों के कुछ सदस्य मानते हैं कि अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव होंगे और उससे पहले मुख्यमंत्री राज्य प्रशासन में नए कर्मचारियों की भर्ती करना चाहती हैं। इसलिए उन्हें यह जानकारी चाहिए कि किस विभाग में कितने कर्मचारियों की आवश्यकता है। यह जानकारी हासिल करने के लिए कर्मचारी कल्याण और प्रशासनिक सुधार विभाग ने यह कदम उठाया है।

किसी भी चुनाव में राजनीतिक दल युवा वोटरों को अपनी ओर खींचने के लिए रोजगार देने का वादा करते हैं। पिछले साल लोकसभा चुनाव में यह वादा पूरा न होने के कारण केंद्र सरकार को कठिनाई का सामना करना पड़ा। तीसरी बार सरकार बनाने के बावजूद भाजपा को बहुमत नहीं मिल पाया। एक प्रशासनिक अधिकारी का कहना है कि मुख्यमंत्री इस बात को ध्यान में रखते हुए राज्य के विभिन्न विभागों में खाली पदों की जानकारी हासिल करना चाहती हैं, ताकि विपक्षी दल आगामी चुनाव में राज्य सरकार के विभागों में रिक्त पदों की संख्या को लेकर राजनीति न कर सकें।

इसके अलावा, प्रशासनिक हलकों में एक और व्याख्या सुनने को मिल रही है। सिर्फ विपक्षी दल ही नहीं, बल्कि महंगाई भत्ते (DA) की मांग को लेकर राज्य सरकार के कर्मचारी संगठन लगातार सक्रिय रहे हैं। DA के अलावा, राज्य के रिक्त पदों में कर्मचारियों की भर्ती के मुद्दे को भी सरकार के खिलाफ उठाया जा रहा है। यह बात भी मुख्यमंत्री के ध्यान में है। अधिकारियों का अनुमान है कि मुख्यमंत्री अगले कुछ महीनों में राज्य के रिक्त पदों में भर्ती को लेकर बड़ी घोषणा कर सकती हैं। इस रणनीति के तहत वह विपक्षी और सरकारी कर्मचारी संगठनों के हमलों को निष्क्रिय करना चाहती हैं। प्रशासन का एक हिस्सा मानता है कि कर्मचारी कल्याण और प्रशासनिक सुधार विभाग से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त होने के कुछ महीनों के भीतर राज्य सरकार भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

'ग्रुप डि' पदों पर भर्ती स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के माध्यम से की जाएगी। ग्रुप सी में LDC की भर्ती के लिए क्लर्कशिप परीक्षा के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया को तेज किए जाने की संभावना है। इसके अलावा, पदोन्नति द्वारा विभिन्न उच्च पदों पर भर्ती की योजना भी राज्य सरकार के पास है। हालांकि, फिलहाल सब कुछ विभिन्न विभागों की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। रिपोर्ट के आधार पर सरकारी नौकरी में भर्ती की योजना तैयार की जाएगी और उसी आधार पर मुख्यमंत्री अंतिम निर्णय लेंगी।


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