मुख्यमंत्री ने गंगासागर मेले तैयारियों-सुरक्षा का लिया जायजा, चार नदी घाटों की जिम्मेदारी मंत्रियों एवं नेताओं को
सागरद्वीप। गंगासागर मेला बुधवार से शुरू हो रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ देशभर से श्रद्धालु इस मेले में शामिल होते हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मेले में किसी भी तरह की अव्यवस्था या अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। कई श्रद्धालु बाबुघाट, आठ नंबर लॉट, कचुबेरिया होते हुए गंगासागर पहुंचते हैं। मंगलवार को ममता ने इन चार प्रमुख घाटों की जिम्मेदारी राज्य के मंत्रियों और विधायकों में बांट दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कौन किस घाट की जिम्मेदारी संभालेगा। साथ ही, ममता ने कुम्भ मेले का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान दूसरी ओर से कोई समस्या न हो, इसका ध्यान रखने के लिए जल, थल और वायुसेना के साथ स्थानीय पुलिस-प्रशासन को समन्वय बनाए रखना होगा।
सोमवार को ममता गंगासागर पहुंचीं और तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कापिलमुनि आश्रम और भारत सेवाश्रम का दौरा भी किया। मंगलवार को कोलकाता लौटने से पहले उन्होंने व्यवस्थाओं, सुरक्षा और तैयारियों की जानकारी दी। ममता ने कहा कि सुंदरबन पुलिस के साथ-साथ कोलकाता पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि मेले को लेकर कोई नकारात्मक धारणा न बनाएं। कोई समस्या हो तो प्रशासन को सूचित करें, लेकिन बदनामी न करें।
गंगासागर मेले के लिए मुरिगंगा नदी का सुधार कार्य किया गया है, ताकि जलमार्ग से श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो। ममता ने बताया कि पर्याप्त डॉक्टर, एयर एम्बुलेंस, वॉटर एम्बुलेंस और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात रहेंगे। मेले में बंगाली, हिंदी, उड़िया, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु और मराठी भाषाओं में घोषणाएं की जाएंगी। इस बार प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती बरती जाएगी, और प्रशासन पर्यावरण के अनुकूल बैग उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाबुघाट की जिम्मेदारी देबाशीष कुमार और अतीन घोष को दी गई है। कचुबेरिया में सुजीत बोस, मानस भूइयां, मनीष गुप्ता और ग्यासुद्दीन मोल्ला तैनात रहेंगे। लॉट आठ घाट की जिम्मेदारी फिरहाद हकीम, दिलीप मंडल, मंटूराम पाखिरा, नीलिमा मिस्त्री, योगरंजन हालदार और बापी हालदार को दी गई है। वहीं, मेला प्रांगण की जिम्मेदारी अरूप विश्वास, पुलक राय, बंकिम हाजरा, स्नेहाशिष चक्रवर्ती और शुभाशिष चक्रवर्ती को दी गई है। 10-12 सचिव भी जिम्मेदारी संभालेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि परिवहन व्यवस्था भी मजबूत की गई है। सड़कों पर 2,000 से अधिक सरकारी और निजी बसें चलेंगी। जलमार्ग पर 100 लांच, 32 वेसल और 9 बार्ज तैनात होंगे। 12 जेटी बनाए गए हैं और मुरिगंगा में लगातार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
ममता ने सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी कि कोई भी असामाजिक तत्व गड़बड़ी न कर सके। उन्होंने केंद्र सरकार और तटरक्षक बल को भी सतर्क रहने को कहा। उनके अनुसार, जल, थल और वायु—हर क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।
ममता ने केंद्र सरकार पर गंगासागर मेले की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र ने कुंभ मेले को राष्ट्रीय मेला घोषित किया है और उसकी सभी लागत वहन कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक दिन गंगासागर भी राष्ट्रीय मेला घोषित होगा। उन्होंने इसके लिए कई बार केंद्र को पत्र लिखा है, लेकिन बंगाल हमेशा वंचित रहा है।
ममता ने कापिलमुनि आश्रम के सामने के क्षेत्र को पक्का बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कई श्रद्धालु वहां दान ोकरते हैं, और इस साल उस राशि से आश्रम का सुधार किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने 17 आंगनवाड़ी केंद्र, सड़कें और तीन पुल बनाने की भी घोषणा की, जो सागर ब्लॉक में मणि, द्वारका, पियाली और सुंदरी नदियों पर बनाए जाएंगे।