कोलकाता। स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल रिंगर लैक्टेट सलाइन के उपयोग पर रोक लगा दी है। सलाइन की गुणवत्ता को लेकर चल रही जांच के पूरी होने तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा। सोमवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित कई दौर की बैठकों के बाद स्वास्थ्य शिक्षा विभाग के विशेष सचिव डॉ. अनिरुद्ध नियोगी ने इस निर्णय की जानकारी दी। हालांकि, इस संबंध में अलग से कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के सुपरिंटेंडेंट और प्रिंसिपलों को इस प्रतिबंध के बारे में सूचित कर दिया गया है।
मेदिनीपुर में हुई घटना पर जांच जारी
विशेषज्ञों की एक समिति ने सोमवार सुबह से कई दौर की बैठकें कीं। जानकारी के अनुसार, मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूता की मृत्यु के मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य भवन ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तलब की है। साथ ही, इस्तेमाल किए गए सलाइन और अन्य दवाओं की गुणवत्ता भी जांच के दायरे में है।
एहतियाती कदम के तहत प्रतिबंध
एहतियाती उपाय के तौर पर, रिंगर लैक्टेट सलाइन का उपयोग जांच पूरी होने तक प्रतिबंधित कर दिया गया है। एसएसकेएम अस्पताल के विभिन्न वार्डों से इस सलाइन को हटा दिया गया है।
पिछले विवाद और सवाल
यह गौर करने वाली बात है कि 2024 के मार्च महीने में कर्नाटक में इस कंपनी की सलाइन को प्रतिबंधित किया गया था। इसके बावजूद, राज्य के कई अस्पतालों में इसका उपयोग क्यों किया गया, यह सवाल सोमवार को हाईकोर्ट में उठाया गया।
विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट
प्रारंभिक जांच के बाद विशेषज्ञ समिति ने दावा किया है कि रिंगर लैक्टेट सलाइन से विषाक्तता फैलने की संभावना बेहद कम है। स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम को सौंपी गई रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ‘ह्यूमन एरर’ और अन्य दवाओं के साइड इफेक्ट्स इस घटना के संभावित कारण हो सकते हैं।
कोलकाता। स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल रिंगर लैक्टेट सलाइन के उपयोग पर रोक लगा दी है। सलाइन की गुणवत्ता को लेकर चल रही जांच के पूरी होने तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा। सोमवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित कई दौर की बैठकों के बाद स्वास्थ्य शिक्षा विभाग के विशेष सचिव डॉ. अनिरुद्ध नियोगी ने इस निर्णय की जानकारी दी। हालांकि, इस संबंध में अलग से कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के सुपरिंटेंडेंट और प्रिंसिपलों को इस प्रतिबंध के बारे में सूचित कर दिया गया है।
कोलकाता। ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) फिलहाल चिंता का कारण नहीं है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को गंगासागर से लौटने के बाद यह जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बिना नाम लिए निजी अस्पतालों की मनमानी पर भी सभी को सतर्क रहने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न निजी अस्पतालों द्वारा ‘अत्यधिक बिल’ वसूलने की प्रवृत्ति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि हल्के बुखार पर भी लोगों को डराया जा रहा है, जिससे बेवजह डर का माहौल बन रहा है। ममता बनर्जी गंगासागर से हेलीकॉप्टर के जरिए हावड़ा के डुमुरजाल
बीजिंग। कोविड-19 के पांच साल बाद चीन में एक नए वायरस ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) का संक्रमण फैलने की खबरें सामने आई हैं। यह एक RNA वायरस है, जिसके लक्षण काफी हद तक कोविड-19 जैसे ही हैं। विशेषज्ञों ने इसे लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है।