बेंगलुरु 11 फ़रवरी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने एयरो इंडिया प्रदर्शनी में
पहले स्वदेशी उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान एएमसीए सहित अनेक स्वदेशी प्लेटफॉर्म, प्रणालियों तथा मॉडलों और नवाचारों का प्रदर्शन किया है।
पवेलियन में स्वदेशी रूप से विकसित अत्याधुनिक तकनीक और प्रणालियां, सभी प्रारूपों में कार्यशील मॉडल और नवाचार प्रदर्शित किए जाएंगे। इन प्रारूपों में इनडोर पैवेलियन, आउटडोर डिस्प्ले, इंडिया पैवेलियन और फ्लाइंग डिस्प्ले शामिल हैं।
डीआरडीओ पहली बार भारत के पहले 5.5 पीढ़ी के स्टील्थ एयरक्राफ्ट यानी उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) का पूर्ण मॉडल प्रदर्शित कर रहा है, जो अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। एयरो इंडिया 2025 में यह मंडप स्वदेशी रक्षा विनिर्माण क्षमताओं और वैश्विक मंच के लिए तैयार अत्याधुनिक तकनीकों को प्रदर्शित करके मेक-इन-इंडिया पहल के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। यह मंडप भारत के निजी उद्योगों, रक्षा क्षेत्र से सार्वजनिक उपक्रमों, स्टार्ट-अप और डीआरडीओ की संयुक्त ताकत का उदाहरण है।
मंडप में डीआरडीओ द्वारा विकसित 16 अन्य उत्पादों और प्रौद्योगिकियों के बारे में जानकारी दी गई है। इनमें ट्विन इंजन डेक आधारित फाइटर (टीईडीबीएफ), एलसीए एमके-2 मॉडल, एयर ड्रॉपेबल कंटेनर (एडीसी)-150, एडवांस्ड लाइट वेट टारपीडो, आफ्टरबर्नर के बिना कावेरी व्युत्पन्न एयरो इंजन, नौसेना एंटी-शिप मिसाइल-मध्यम दूरी और विभिन्न अन्य मिसाइलें प्रमुख हैं।
एयरो इंडिया के हॉल-डी में डीआरडीओ के इनडोर पवेलियन को नौ थीमों में विभाजित किया गया है जिसमें रक्षा नवाचार के मुख्य क्षेत्र शामिल हैं। ये नौ थीम 'एयरबोर्न सर्विलांस सॉल्यूशंस', 'नेवल वॉरफेयर', 'नेक्स्ट-जेनेरेशन मिसाइल सिस्टम', 'आसमान में वर्चस्व-एडीए की 5वीं पीढ़ी की छलांग', 'अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स', 'रडारस्केप: मैपिंग द इनविजिबल', 'मैरीटाइम सेंटिनल: ए न्यू एरा ऑफ सर्विलांस एंड सेफ्टी', 'फाइटर एयरक्राफ्ट के लिए सेंसर सूट' और 'रक्षक' हैं। पवेलियन में 330 से अधिक उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं, जिन्हें 14 प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है। यह उन्नत सामग्री और घटक, निगरानी और टोही प्रौद्योगिकी, एंटीना और माइक्रोवेव प्रौद्योगिकी, सैनिक सहायता प्रणाली, लड़ाकू विमान प्रौद्योगिकी, कॉर्पोरेट निदेशालय, माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कम्प्यूटेशनल सिस्टम और साइबर सुरक्षा, भूमि प्रणाली और युद्ध सामग्री, मिसाइल प्रौद्योगिकी, अगली पीढ़ी के लड़ाकू वाहन और सामरिक गतिशीलता; फोटोनिक्स, लेजर और क्वांटम प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और संचार, सिमुलेशन और प्रशिक्षण प्रौद्योगिकी और एयरो प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी जैसे प्रमुख रक्षा क्षेत्रों की गहन खोज प्रदान करेगा। इनडोर मंडप में डीआरडीओ द्वारा क्रियान्वित प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीडीएफ) योजना के तहत विकसित उत्पादों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है।
एयरो इंडिया में बुधवार को रक्षा उत्पादन विभाग (डीडीपी) द्वारा 'सामर्थ्य' थीम पर स्वदेशीकरण और समापन समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्वदेशी रूप से विकसित अत्याधुनिक तकनीकों के योगदानकर्ताओं को पहचान दिलाना और सम्मानित करना है। डीआरडीओ द्वारा विकसित पांच उत्पादों को प्रदर्शन के लिए मान्यता दी गई है और इन उत्पादों के टीम लीडर को रक्षा मंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
वाशिंगटन: अंतरिक्ष में नौ महीने का सफर पूरा करने के बाद भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर आज 18 मार्च को पृथ्वी पर लौटने के लिए तैयार हैं। नासा और स्पेसएक्स ने इस वापसी मिशन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस दौरान, वैज्ञानिक और मिशन प्रबंधक मौसम और अन्य महत्वपूर्ण कारकों की लगातार निगरानी कर रहे हैं, क्योंकि क्रू ड्रैगन यान की अनडॉकिंग (अंतरिक्ष स्टेशन से पृथ्वी की ओर प्रस्थान) कई तकनीकी पहलुओं पर निर्भर करती है।
यह एक अत्याधुनिक प्रणाली है जिसे उड़ान के दौरान पायलटों के लिए सांस लेने योग्य ऑक्सीजन उत्पन्न करने और नियंत्रित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
डीआरडीओ पहली बार भारत के पहले 5.5 पीढ़ी के स्टील्थ एयरक्राफ्ट यानी उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) का पूर्ण मॉडल प्रदर्शित कर रहा है, जो अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है।