माघी पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं का सैलाब, प्रयागराज, वाराणसी और अयोध्या में भक्तिमय माहौल
महाकुंभ। प्रयागराज डीएम रविंद्र कुमार मंदार ने बताया कि "माघी पूर्णिमा का स्नान मंगलवार रात से ही शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। लाखों श्रद्धालु संगम तट पर स्नान कर रहे हैं।" सुरक्षा के मद्देनजर 322 से अधिक सिविल अधिकारी, 9,000 पुलिस बल, 60 से अधिक RAF कंपनियां और भारी संख्या में ट्रैफिक पुलिस तैनात है। उन्होंने अपील की कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें, मेले के लिए विशेष ट्रेनें सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। अब तक 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं, जिससे यह एक ऐतिहासिक अवसर बन गया है।
वाराणसी में उमड़ा आस्था का सैलाब
माघ पूर्णिमा पर वाराणसी में गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। काशी विश्वनाथ मंदिर जाने वाले मार्गों पर जनसैलाब देखने को मिला। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस बार की भीड़ पहले कभी नहीं देखी गई। पुलिस अधिकारी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि प्रतिदिन 25 लाख से अधिक श्रद्धालु काशी आ रहे हैं। प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्जन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। वहीं, श्रद्धालु ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ आध्यात्मिक उल्लास में डूबे नजर आए।
अयोध्या में सरयू स्नान जारी
अयोध्या में भी माघ पूर्णिमा स्नान को लेकर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। दूर-दराज से आए भक्त सरयू स्नान कर मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन कर रहे हैं। लाखों की संख्या में श्रद्धालु रामनगरी पहुंचे हैं। आसपास के जिलों से भी भक्तों का आगमन जारी है। महाकुंभ स्नान के बाद भी लोगों की आस्था का प्रवाह थमने का नाम नहीं ले रहा। भोर 3:00 बजे से ही घाटों पर स्नान, दान और पूजन का सिलसिला जारी है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, अयोध्या धाम क्षेत्र को नो-व्हीकल ज़ोन घोषित किया गया है।
आईसीसीसी से मेले की निगरानी
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से पूरे मेले और शहर की सुरक्षा पर नजर रखी जा रही है। 2750 हाई-टेक कैमरे, एंटी-ड्रोन सिस्टम और विशेष सुरक्षा टीमें हर गतिविधि पर निगरानी रख रही हैं।
सीएम योगी की मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह 4 बजे से ही प्रयागराज मेले की व्यवस्थाओं पर नज़र बनाए रखी। 5 कालिदास मार्ग स्थित वॉर रूम से डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह और अन्य अधिकारियों के साथ वे लगातार अपडेट लेते रहे और आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे। इससे पहले बसंत पंचमी स्नान के दौरान भी उन्होंने सुबह 3:30 बजे से मॉनिटरिंग की थी।
माघी पूर्णिमा पर उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक उल्लास चरम पर है, आस्था और सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरयू में पुण्य स्नान कर धर्म लाभ उठा रहे हैं।