कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी में जाने की अटकलों पर पूर्ण विराम लगाते हुए स्पष्ट कर दिया कि वे किसी भी हालत में पार्टी नहीं छोड़ेंगे। कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में हुए तृणमूल कांग्रेस के मेगा सम्मेलन में उन्होंने कहा, "मेरा गला काट भी दिया जाए, तब भी मेरे गले से ममता बनर्जी जिंदाबाद ही निकलेगा।"
बीजेपी में शामिल होने या नया दल बनाने की चर्चाओं को खारिज करते हुए अभिषेक ने कहा कि यह महज अफवाह है, जिसे कुछ मीडिया संस्थानों और पत्रकारों द्वारा फैलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बीजेपी के सामने कभी भी घुटने नहीं टेकेंगे।
अभिषेक बनर्जी ने संदेशखाली की घटना को याद करते हुए बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले साल इसी दिन तृणमूल सरकार को बदनाम करने की कोशिश की गई थी, लेकिन जनता ने सच को पहचान लिया। उन्होंने कहा, "बीजेपी के पास ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स, मीडिया और लाखों करोड़ों रुपये हैं, लेकिन हमारे पास जनता का समर्थन है। यही बीजेपी और हमारे बीच का अंतर है।"
अभिषेक बनर्जी ने 2026 विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को कमर कसने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "2021 में हमने 214 सीटें जीती थीं, इस बार हमारा लक्ष्य 215 से अधिक सीटें जीतकर ममता बनर्जी को चौथी बार मुख्यमंत्री बनाना है।"
अभिषेक ने CBI पर निशाना साधते हुए कहा, "CBI डर गई है। मेरा नाम तो लिया, लेकिन कोई ठोस प्रमाण नहीं दिया। बीजेपी के नेता जिस तरह से बात करते हैं, वैसे ही CBI भी 'भाववाच्य' में बात कर रही है।"
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर पार्टी के लिए काम करें। उन्होंने कहा, "जो लोग पार्टी में अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, वे इसे नुकसान पहुंचा रहे हैं। लेकिन हमें अब एकजुट होकर 2026 के चुनाव की तैयारी करनी होगी।"
अंत में, अभिषेक ने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि बीजेपी के जीते हुए 70-75 सीटों में से 10 पहले ही तृणमूल में वापस आ चुकी हैं, और आने वाले चुनाव में और भी सीटें तृणमूल के खाते में आएंगी। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ने 12 लाख लोगों को घर दिए, लेकिन यह खबर नहीं बनती। लेकिन अगर मैं एक दिन CBI के दफ्तर चला जाऊं, तो 10 घंटे की पूछताछ की खबर सुर्खियों में आ जाती है।"
अभिषेक बनर्जी का यह बयान 2026 के चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने अपनी निष्ठा और पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच 2007 में हुए असैन्य परमाणु समझौते को 18 साल बाद नई गति मिली है। अमेरिका के ऊर्जा विभाग (DoE) ने अमेरिकी कंपनियों को भारत में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के डिजाइन और निर्माण की अंतिम मंजूरी दे दी है। यह कदम दोनों देशों के रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करेगा।
पाथरप्रतिमा: सोमवार रात दक्षिण 24 परगना के पाथरप्रतिमा में बणिक परिवार के घर में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी में परिवार के सात सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में चार बच्चे भी शामिल हैं, जिनमें दो नवजात थे। इस हादसे में परिवार की एक महिला सदस्य गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस के अनुसार, यह विस्फोट घर में रखे पटाखों के कारण हुआ।
रेड रोड पर ईद-नमाज में ममता बनर्जी के साथ अभिषेक भी पहुंचे