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Dainik Vishwamitra

गुरुवार ३ अप्रैल

जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास से अधजले नोट मिले, सुप्रीम कोर्ट ने तस्वीरें साझा कीं



नई दिल्ली | जेएनएन – सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के सरकारी आवास से बरामद अधजले नोटों की तस्वीरें सार्वजनिक कर दी हैं। जस्टिस डी.के. उपाध्याय की जांच रिपोर्ट शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है, जिसमें नोटों की तस्वीरें भी शामिल हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जस्टिस वर्मा ने कहा कि न तो उन्होंने और न ही उनके परिवार ने कभी इस नकदी को स्टोररूम में रखा था।

सुप्रीम कोर्ट ने गठित की विशेष जांच समिति
प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इसमें पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और कर्नाटक हाई कोर्ट की न्यायाधीश अनु शिवरामन शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जस्टिस वर्मा से न्यायिक कार्य भी वापस ले लिया है।

जांच रिपोर्ट के अहम बिंदु
जस्टिस उपाध्याय की 25 पन्नों की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस वर्मा के आधिकारिक निवास से चार से पांच बोरियों में अधजले नोट मिले। दस्तावेजों के अनुसार, 14 मार्च की रात 11:30 बजे उनके आवास में आग लगी थी, जिसे अग्निशमन दल ने नियंत्रित किया। अगले दिन यानी 15 मार्च की सुबह वहां से जले हुए नोटों को हटाया गया।

सुप्रीम कोर्ट के सवाल – जले हुए नोट किसने हटाए?
शीर्ष अदालत ने कई सवाल उठाए हैं, जिनमें प्रमुख प्रश्न यह है कि अधजले नोटों को अगले दिन वहां से हटाने का आदेश किसने दिया? सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस वर्मा को निर्देश दिया कि वह अपने मोबाइल फोन का डेटा न हटाएं और न ही अपना डिवाइस नष्ट करें। उन्हें 22 मार्च तक इस नकदी के स्रोत की जानकारी देने के लिए कहा गया है।

जस्टिस वर्मा ने खुद को बताया निर्दोष
जस्टिस वर्मा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, "स्टोररूम में मिली नकदी से मेरा और मेरे परिवार का कोई संबंध नहीं है। यह इलाका मेरे रहने वाले हिस्से से अलग है और मीडिया बिना सच्चाई जाने मेरी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है।"

सुप्रीम कोर्ट ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार देर रात अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर पूरी जांच रिपोर्ट साझा की। इसमें घटनास्थल की तस्वीरें और वीडियो फुटेज भी शामिल हैं, जो दिखाते हैं कि होली की रात जब जस्टिस वर्मा के आवास में आग बुझाई जा रही थी, तब नकदी बरामद की गई थी। शीर्ष अदालत ने इस मामले की गहन जांच के संकेत दिए हैं।


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