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Dainik Vishwamitra

गुरुवार ३ अप्रैल

नकली दवाओं पर सरकार का वार, CDSCO की सख्त कार्रवाई से घबराए गिरोह




 नई दिल्ली। देश में नकली और घटिया दवाओं के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवा नियंत्रण एजेंसी Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) को निर्देश दिया है कि ऐसे अवैध कारोबार को जड़ से खत्म किया जाए। इसके तहत देशभर में छापेमारी तेज कर दी गई है और अधिकारियों को बेहतर प्रशिक्षण देकर जांच प्रक्रिया को मजबूत किया गया है। इस अभियान के तहत नकली दवाओं के मामलों में दोषियों को सजा दिलाने की दर में 5-10% की वृद्धि दर्ज की गई है।

नकली दवाओं के खिलाफ CDSCO का ऑपरेशन तेज
CDSCO के संयुक्त ड्रग कंट्रोलर डॉ. एस ईश्वरा रेड्डी ने बताया कि नकली दवाओं के खिलाफ NIHFW (National Institute of Health and Family Welfare) के सहयोग से अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम पर अब तक 2.5 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। पहले नकली दवा मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं की खामियों के चलते दोषी बच निकलते थे, लेकिन अब सख्त प्रशिक्षण और तकनीकी टीमों की बदौलत दोषियों पर तेजी से शिकंजा कसा जा रहा है।

बढ़ रही जांच, बढ़ रहे आंकड़े
CDSCO की एडवांस टीम अब हर 6 महीने में नए अधिकारियों को ट्रेनिंग दे रही है, जिससे जांच और छापेमारी के दौरान कानूनी कार्रवाई मजबूत हो सके। अब तक के डेटा के अनुसार, नकली दवा कारोबारियों के खिलाफ दर्ज मामलों में 5-10% की बढ़ोतरी देखी गई है।

भारत में नकली दवाओं का बाजार कितना बड़ा?
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में नकली दवाओं का कारोबार 200 बिलियन डॉलर (करीब 16,60,000 करोड़ रुपये) का है। वहीं, एसोचैम की एक स्टडी बताती है कि भारत में 25% दवाएं नकली या घटिया होती हैं, और इनका कारोबार 352 करोड़ रुपये का है।

नकली दवाओं के बड़े मामले
उत्तर प्रदेश (नवंबर 2024): आगरा में नकली दवा बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई।

राजस्थान (दिसंबर 2024): ड्रग डिपार्टमेंट ने 7 कंपनियों की 9 दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाई। इनमें से 4 दवाइयां नकली पाई गईं और 5 के सैंपल फेल हो गए।

तेलंगाना और उत्तराखंड: करोड़ों की नकली दवाइयां बरामद हुईं। उत्तराखंड में कूरियर के जरिए दवाओं की सप्लाई हो रही थी।

दिल्ली-एनसीआर (2024): क्राइम ब्रांच ने कई ऑपरेशनों में नकली दवाओं के सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया।

गाजियाबाद: लोनी के ट्रोनिका सिटी में नकली दवाओं का गोदाम पकड़ा गया, जिसका मास्टरमाइंड एक डॉक्टर निकला।

कैसे हो रही है कार्रवाई?
सरकार और ड्रग कंट्रोल एजेंसियां मिलकर इस अवैध कारोबार को खत्म करने में जुटी हैं। दवा निर्माण और बिक्री से जुड़े नए नियम लागू किए गए हैं। इसके अलावा, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और बारकोड स्कैनिंग जैसी तकनीकों को अपनाने की योजना बनाई गई है ताकि नकली दवाओं की पहचान आसानी से हो सके।


स्वास्थ्य

  • रिंगर लैक्टेट का उपयोग फिलहाल प्रतिबंधित

    कोलकाता। स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल रिंगर लैक्टेट सलाइन के उपयोग पर रोक लगा दी है। सलाइन की गुणवत्ता को लेकर चल रही जांच के पूरी होने तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा। सोमवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित कई दौर की बैठकों के बाद स्वास्थ्य शिक्षा विभाग के विशेष सचिव डॉ. अनिरुद्ध नियोगी ने इस निर्णय की जानकारी दी। हालांकि, इस संबंध में अलग से कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के सुपरिंटेंडेंट और प्रिंसिपलों को इस प्रतिबंध के बारे में सूचित कर दिया गया है।

  • एचएमपीवी वायरस पर ममता की निजी अस्पतालों को चेतावनी

    कोलकाता। ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) फिलहाल चिंता का कारण नहीं है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को गंगासागर से लौटने के बाद यह जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बिना नाम लिए निजी अस्पतालों की मनमानी पर भी सभी को सतर्क रहने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न निजी अस्पतालों द्वारा ‘अत्यधिक बिल’ वसूलने की प्रवृत्ति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि हल्के बुखार पर भी लोगों को डराया जा रहा है, जिससे बेवजह डर का माहौल बन रहा है। ममता बनर्जी गंगासागर से हेलीकॉप्टर के जरिए हावड़ा के डुमुरजाल

  • चीन में नए वायरस का खतरा: कोविड-19 के बाद फिर बढ़ी चिंता

    बीजिंग। कोविड-19 के पांच साल बाद चीन में एक नए वायरस ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) का संक्रमण फैलने की खबरें सामने आई हैं। यह एक RNA वायरस है, जिसके लक्षण काफी हद तक कोविड-19 जैसे ही हैं। विशेषज्ञों ने इसे लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है।