देश में विदेशी निवेश को लेकर बड़ा कदम, RBI जल्द करेगा ऐतिहासिक बदलाव
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में विदेशी निवेश को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रहा है, जिससे भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पूंजी की भारी आमद देखी जा सकती है। दो वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और रॉयटर्स द्वारा देखे गए दस्तावेजों के अनुसार, RBI लिस्टेड कंपनियों में विदेशी व्यक्तिगत निवेशकों (Foreign Individual Investors) की निवेश सीमा को दोगुना कर 10% करने की योजना बना रहा है। इस फैसले का उद्देश्य विदेशी फंड्स के प्रवाह को बढ़ाना है।
विदेशी निवेशकों की होल्डिंग सीमा होगी दोगुनी
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने हालिया महीनों में खराब आय, उच्च वैल्यूएशन और अमेरिकी टैरिफ की संभावनाओं के कारण भारतीय शेयर बाजार से 28 बिलियन डॉलर से अधिक की निकासी की है। विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार अब सभी विदेशी निवेशकों को वही लाभ देने की योजना बना रही है, जो अब तक केवल प्रवासी भारतीयों (NRI/OCI) को मिलते थे।
RBI ने सरकार को लिखा पत्र
RBI ने हाल ही में सरकार को लिखे पत्र में कहा कि इन प्रस्तावों को जल्द लागू किया जा सकता है। पत्र में बाहरी वित्तीय गतिविधियों के बीच पूंजी प्रवाह में आ रही बाधाओं की ओर इशारा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के तहत सभी विदेशी व्यक्तिगत निवेशकों को किसी भी लिस्टेड कंपनी में अधिकतम 10% निवेश की अनुमति दी जाएगी, जो वर्तमान में 5% तक सीमित है। यह बदलाव विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के अंतर्गत किया जाएगा।
संभावित चुनौतियां और सेबी की चिंता
हालांकि, इस फैसले को लेकर मार्केट रेगुलेटर सेबी ने कुछ चिंताएं जाहिर की हैं। सेबी ने आगाह किया है कि यदि किसी विदेशी निवेशक की हिस्सेदारी 10% से अधिक होती है और सहयोगियों के साथ मिलकर यह 34% पार कर जाती है, तो अधिग्रहण नियम लागू हो सकते हैं।
भारतीय नियमों के तहत, यदि कोई निवेशक किसी कंपनी में 25% से अधिक हिस्सेदारी लेता है, तो उसे खुदरा निवेशकों के लिए ओपन ऑफर देना होगा। सेबी ने इस बात की भी चेतावनी दी है कि प्रभावी निगरानी के अभाव में ऐसे अधिग्रहणों की पहचान करना मुश्किल हो सकता है।
बाजार में निवेश की वर्तमान स्थिति
विदेशी निवेशकों ने इस वित्त वर्ष में अब तक भारतीय शेयर बाजार से करीब 1.35 लाख करोड़ रुपये की निकासी की है। हालांकि, बीते कुछ हफ्तों में विदेशी निवेशकों ने 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है, लेकिन यह शेयर बाजार में स्थिरता लाने के लिए पर्याप्त नहीं है। 2024 में जब बाजार अपने उच्चतम स्तर पर था, तब से अब तक 17 बिलियन डॉलर से अधिक की निकासी हो चुकी है।
सरकार और RBI की रणनीति
सरकार और RBI इस योजना को अंतिम रूप देने से पहले सभी संभावित चुनौतियों पर विचार कर रहे हैं। नियामकों का मानना है कि नए नियमों को पारदर्शी और प्रभावी रूप से लागू किया जाए ताकि विदेशी निवेशकों द्वारा नियमों का कोई दुरुपयोग न हो।