अब हवा में उड़ेगी टैक्सी: सरला एविएशन की ‘Shunya Air Taxi’ बेंगलुरु से शुरू, जल्द पहुंचेगी दिल्ली-मुंबई
नई दिल्ली। भारत में शहरी सफर का तरीका अब बदलने वाला है। सरला एविएशन, एक भारतीय एयरोस्पेस स्टार्टअप, ने अपनी इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी ‘Shunya’ के साथ भविष्य की उड़ान भरने की तैयारी कर ली है। कंपनी ने इस साल की शुरुआत में आयोजित भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो में इस फ्लाइंग टैक्सी को पेश किया था और अब यह प्रोजेक्ट हकीकत की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहा है।
शुरुआत बेंगलुरु से, अगला स्टॉप दिल्ली और मुंबई
कंपनी के सीईओ और सह-संस्थापक एड्रियन श्मिट ने जानकारी दी कि ‘Shunya Air Taxi’ की पहली उड़ान बेंगलुरु से होगी। इसके बाद कुछ महीनों में इसे दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े महानगरों में शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि आने वाले पांच वर्षों में देशभर के कई हिस्सों में इस सेवा को विस्तारित करने की योजना है।
2028 तक भारत में उड़ान भरेंगी 30 एयर टैक्सियाँ
2028 तक कंपनी बेंगलुरु में 30 एयर टैक्सियाँ शुरू करने का लक्ष्य रख रही है। फिलहाल कंपनी की टीम में 47 लोग काम कर रहे हैं, जो वर्ष के अंत तक 80 से 120 सदस्यों तक पहुंच सकती है। स्टार्टअप ने हाल ही में Accel के नेतृत्व में 10 मिलियन डॉलर की सीरीज-ए फंडिंग भी जुटाई है, जिसमें फ्लिपकार्ट के बिन्नी बंसल, निखिल कामथ और स्विगी के श्रीहर्ष मजेटी जैसे नामचीन निवेशकों ने भाग लिया।
सिर्फ सेवा नहीं, निर्माण भी है लक्ष्य
एड्रियन श्मिट ने स्पष्ट किया है कि सरला एविएशन सिर्फ एक एयर टैक्सी सेवा प्रदाता नहीं बनेगी, बल्कि उसका उद्देश्य एक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के तौर पर विकसित होना है। कंपनी अन्य कंपनियों को भी अपने eVTOL विमान बेचने के लिए तैयार है।
Air Taxi की प्रमुख खूबियाँ
सीटिंग कैपेसिटी: 1 पायलट + 6 यात्री
अधिकतम रफ्तार: 250 किमी/घंटा
फ्लाइंग रेंज: 160 किमी (मुख्य उपयोग 25-30 किमी)
लोड उठाने की क्षमता: 680 किग्रा
प्रोपल्शन: 7 इलेक्ट्रिक मोटर
eVTOL तकनीक से सजी यह फ्लाइंग टैक्सी
‘Shunya’ एक eVTOL (Electric Vertical Take-Off and Landing) आधारित वाहन है, जो बिना रनवे के सीधे ऊपर उड़ान भर सकता है। यह तकनीक इसे भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों में तेज़ और कुशल आवागमन के लिए आदर्श बनाती है।
लक्ज़री केबिन और मल्टीपर्पज़ उपयोग
इस एयर टैक्सी केबिन को 4 और 6-सीटर कॉन्फिगरेशन में डिजाइन किया गया है। इसे कार्गो वाहन की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी यह टैक्सी न केवल यात्रियों को लाने-ले जाने का काम करेगी, बल्कि माल ढुलाई के लिए भी उपयुक्त होगी।
किराया कितना होगा?
कंपनी ने अभी तक किराये को लेकर कोई सटीक आंकड़ा साझा नहीं किया है, लेकिन दावा किया है कि इसे आम यात्रियों की पहुंच में रखने की पूरी कोशिश की जाएगी, ताकि लोग इसका इस्तेमाल रोजमर्रा की यात्रा के लिए भी कर सकें।
सरकार भी तैयारी में जुटी
केंद्र सरकार भी 2026 तक eVTOL तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। DGCA ने उड़ान योग्यता से जुड़े दिशा-निर्देश पहले ही जारी कर दिए हैं। इसके अलावा, एयरलाइन कंपनी IndiGo ने अमेरिका की Archer Aviation को 200 एयर टैक्सियों का ऑर्डर दिया है, जो 2026 तक “Midnight” नामक इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल लॉन्च करने की योजना बना रही है।
नया युग, नया सफर
भारत में एयर टैक्सी की शुरुआत न केवल एक तकनीकी क्रांति है, बल्कि यह शहरी परिवहन के स्वरूप को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है। सरला एविएशन की पहल इस दिशा में एक साहसिक कदम है, जो आने वाले वर्षों में हवाई यात्रा को आम लोगों के लिए भी सहज और सुलभ बना सकता है।