नयी दिल्ली, 12 जून भारत ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के भारत में आम चुनावों को लेकर की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए आज कहा कि भारतीय लोकतंत्र की जीवंतता की पूरी दुनिया सराहना करती है जबकि कनाडा लोकतंत्र के नाम पर हिंसा और उग्रवाद फैलाने वाले तत्वों को राजनीतिक स्थान देता है।
विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने आज यहां एक ब्रीफिंग के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री के बयान के बारे में एक सवाल पूछे जाने पर कहा, "हमने अभी-अभी अपना आम चुनाव संपन्न किया है। मुझे यकीन है कि हर कोई इस बात से सहमत होगा कि यह मानव जाति के इतिहास में सबसे बड़ा लोकतांत्रिक चुनाव था। मुझे लगता है कि भारत के लोकतंत्र की जीवंतता वास्तव में दुनिया भर में मान्यता प्राप्त और सराहना की गई है।"
उन्होंने कहा, "मैं वास्तव में इस पर कुछ भी नहीं कहना चाहता कि कोई और क्या सोचता है कि लोकतंत्र को कैसे कार्य करना चाहिए, लेकिन जहां तक कनाडा का सवाल है, हमारे लोकतंत्र ने आंखों से दिखने लायक तमाम सबूत उपलब्ध कराये हैं कि कनाडा में भारत विरोधी तत्वों को राजनीतिक स्थान मिला हुआ है जो उग्रवाद और हिंसा की वकालत करते हैं। हमने बार-बार उन्हें अपनी गहरी चिंताओं से अवगत कराया है और हम उनसे कड़ी कार्रवाई की उम्मीद करते हैं।'
वॉशिंगटन/नई दिल्ली – अमेरिका की संघीय सरकार द्वारा गठित यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। मंगलवार को जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में आयोग ने आरोप लगाया कि भारतीय खुफिया एजेंसी का संबंध सिख अलगाववादियों की हत्या की साजिशों से है। रिपोर्ट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी भाजपा का भी जिक्र किया गया है।
ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका को बदलने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। बढ़ती जनसंख्या, अव्यवस्थित शहरीकरण, ट्रैफिक जाम और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। स्थानीय नागरिकों और विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में ढाका अब रहने योग्य नहीं रह गया है और देश को एक नई राजधानी की आवश्यकता है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान को एक और बड़ी कूटनीतिक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। तुर्कमेनिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत के.के. अहसान वगान को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें एयरपोर्ट से ही डिपोर्ट कर दिया गया। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वगान लॉस एंजेलिस की निजी यात्रा पर थे, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इमिग्रेशन नियमों का हवाला देते हुए उन्हें देश में दाखिल होने से रोक दिया।