रोम/नयी दिल्ली, 14 जून प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शुक्रवार सुबह इटली के अपुलिया पहुंचे, जहां उनके चर्चा में भाग लेने और उपस्थित विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने की संभावना है।
श्री मोदी के लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद यह पहली विदेश यात्रा है। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इटली पहुंचा हूं। विश्व नेताओं के साथ सार्थक बातचीत में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं। हम साथ मिलकर वैश्विक मुद्दों को संबोधित करना चाहते हैं और बेहतर भविष्य के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करना चाहते हैं।”
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर कहा कि जी7 में प्रधानमंत्री के एजेंडे में आउटरीच सत्र में भाग लेना और अलग से वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करना शामिल है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इटली के अपुलिया में ब्रिंडिसि हवाई अड्डे पर उतरे। एजेंडे में जी7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में भाग लेना और वैश्विक नेताओं के साथ सार्थक बातचीत शामिल है। एक एक्शन से भरपूर दिन आपका इंतजार कर रहा है!”
प्रधानमंत्री ने अपने प्रस्थान से पहले ‘एक्स’ पर कहा, “मैं इटली में जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लूंगा। मैं साथी विश्व नेताओं से मिलने और हमारे ग्रह को बेहतर बनाने तथा लोगों के जीवन में सुधार लाने के उद्देश्य से कई मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं।”
श्री मोदी 14 जून को आउटरीच सत्र में भाग लेंगे, जो एआई, ऊर्जा, अफ्रीका और भूमध्य सागर पर केंद्रित होगा।
विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने यहां एक विशेष ब्रीफिंग में कहा, “जी7 में भारत की नियमित भागीदारी स्पष्ट रूप से भारत की बढ़ती मान्यता और उन प्रयासों के योगदान की ओर संकेत करती है जो भारत शांति, सुरक्षा, विकास और संरक्षण सहित वैश्विक चुनौतियों को हल करने की कोशिश में लगातार कर रहा है।”
वॉशिंगटन/नई दिल्ली – अमेरिका की संघीय सरकार द्वारा गठित यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। मंगलवार को जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में आयोग ने आरोप लगाया कि भारतीय खुफिया एजेंसी का संबंध सिख अलगाववादियों की हत्या की साजिशों से है। रिपोर्ट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी भाजपा का भी जिक्र किया गया है।
ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका को बदलने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। बढ़ती जनसंख्या, अव्यवस्थित शहरीकरण, ट्रैफिक जाम और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। स्थानीय नागरिकों और विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में ढाका अब रहने योग्य नहीं रह गया है और देश को एक नई राजधानी की आवश्यकता है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान को एक और बड़ी कूटनीतिक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। तुर्कमेनिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत के.के. अहसान वगान को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें एयरपोर्ट से ही डिपोर्ट कर दिया गया। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वगान लॉस एंजेलिस की निजी यात्रा पर थे, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इमिग्रेशन नियमों का हवाला देते हुए उन्हें देश में दाखिल होने से रोक दिया।