न्यूयॉर्क, 05 सितंबर अमेरिका में जॉर्जिया प्रांत के एक उच्च विद्यालय के परिसर हुई गोलीबारी में कम से कम चार लोग मारे गए और नौ घायल हो गए।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी की घटना बुधवार को जॉर्जिया के विंडर में अपालाची उच्च विद्यालय में हुयी। बैरो काउंटी शेरिफ कार्यालय ने कहा कि गोलीबारी के बाद एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। कार्यालय ने मीडिया को बताया कि बुधवार सुबह गोलीबारी होने की जानकारी मिली और इसके बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियों और आपातकालीन प्रतिक्रियाकर्ताओं को सुबह 10:30 बजे विद्यालय में भेजा गया।
जॉर्जिया ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (जीबीआई) ने कहा कि गोलीबारी के कारण चार लोग मारे गए और नौ घायल हो गए। बैरो काउंटी के शेरिफ जुड स्मिथ ने कहा कि घटना के कारणों के बारे में पता लगाने में कई दिन लगेंगे। जीबीआई ने अधिकारियों की जांच के दौरान क्षेत्र के आस-पास के लोगों से दूर रहने का आग्रह किया।
एनबीसी न्यूज ने कानून प्रवर्तन के वरिष्ठ अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया कि घातक हिंसा में संदिग्ध शूटर एक किशोर शामिल है। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस किशोर का नाम पता लगाने और संदिग्ध का विद्यालय से पहले से कोई संबंध था या नहीं, यह पता लगाने की कोशिश कर रही है। गोलीबारी के बाद अपालाची उच्च विद्यालय को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। अस्पताल के प्रवक्ता ने कहा कि गोलीबारी के बाद आठ लोगों को जॉर्जिया के तीन अस्पतालों में ले जाया गया, जिनमें से तीन को गोली लगी है।
प्रवक्ता ने बताया कि गोली लगने से घायल हुए मरीजों के अलावा पांच लोगों को पैनिक अटैक के लक्षणों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वॉशिंगटन/नई दिल्ली – अमेरिका की संघीय सरकार द्वारा गठित यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। मंगलवार को जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में आयोग ने आरोप लगाया कि भारतीय खुफिया एजेंसी का संबंध सिख अलगाववादियों की हत्या की साजिशों से है। रिपोर्ट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी भाजपा का भी जिक्र किया गया है।
ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका को बदलने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। बढ़ती जनसंख्या, अव्यवस्थित शहरीकरण, ट्रैफिक जाम और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। स्थानीय नागरिकों और विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में ढाका अब रहने योग्य नहीं रह गया है और देश को एक नई राजधानी की आवश्यकता है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान को एक और बड़ी कूटनीतिक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। तुर्कमेनिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत के.के. अहसान वगान को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें एयरपोर्ट से ही डिपोर्ट कर दिया गया। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वगान लॉस एंजेलिस की निजी यात्रा पर थे, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इमिग्रेशन नियमों का हवाला देते हुए उन्हें देश में दाखिल होने से रोक दिया।