इस्लामाबाद, 5 सितंबर पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने आतंकवाद के खिलाफ ‘युद्ध में एक एकीकृत सेाच’ विकसित करने के लिए विभिन्न संप्रदायों के धार्मिक विद्वानों से परामर्श करने की योजना की घोषणा की है।
‘द ट्रिब्यून एक्सप्रेस’ ने रेडियो पाकिस्तान के हवाले से बताया कि यह पहल हालिया आतंकवादी हमलों में आयी तेजी के बाद हुई है। इन हमलों में बलूचिस्तान में 50 से अधिक मौतें हुईं।
केंद्रीय रुएत-ए-हिलाल समिति के अध्यक्ष मौलाना सैयद मुहम्मद अब्दुल खबीर आज़ाद के साथ एक बैठक के दौरान श्री नकवी ने चरमपंथ के खिलाफ एक प्रभावी रणनीति तैयार करने के लिए सभी विचारधाराओं के उलेमा को शामिल करने के महत्व पर जोर दिया।
मंत्री ने आतंकवाद और चरमपंथी विचारधाराओं का मुकाबला करने में धार्मिक विद्वानों को शामिल करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी परामर्श अभियान की योजना बनाई है, जिसमें धार्मिक नेताओं से सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने आतंकी हमलों में बढ़ोतरी के लिए पड़ोसी देश अफगानिस्तान पर उंगली उठाई है।
सरकार का दावा है कि अफगान तालिबान द्वारा काबुल पर कब्ज़ा करने के बाद से पाकिस्तान विरोधी समूहों का हौसला बढ़ गया है। काबुल अपने क्षेत्र को आतंकवादी समूहों द्वारा इस्तेमाल करने की अनुमति देने से इनकार करता है।
वॉशिंगटन/नई दिल्ली – अमेरिका की संघीय सरकार द्वारा गठित यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। मंगलवार को जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में आयोग ने आरोप लगाया कि भारतीय खुफिया एजेंसी का संबंध सिख अलगाववादियों की हत्या की साजिशों से है। रिपोर्ट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी भाजपा का भी जिक्र किया गया है।
ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका को बदलने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। बढ़ती जनसंख्या, अव्यवस्थित शहरीकरण, ट्रैफिक जाम और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। स्थानीय नागरिकों और विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में ढाका अब रहने योग्य नहीं रह गया है और देश को एक नई राजधानी की आवश्यकता है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान को एक और बड़ी कूटनीतिक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। तुर्कमेनिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत के.के. अहसान वगान को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें एयरपोर्ट से ही डिपोर्ट कर दिया गया। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वगान लॉस एंजेलिस की निजी यात्रा पर थे, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इमिग्रेशन नियमों का हवाला देते हुए उन्हें देश में दाखिल होने से रोक दिया।