नयी दिल्ली, 01 नवंबर भारत और अल्बानिया ने गुरुवार को राजनीतिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों पर गुरुवार को द्विपक्षीय वार्ता की।
दोनों देशों की बीच यह वार्ता अल्बानिया की राजधानी तिराना में हुयी। भारतीय पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्रालय मेंअतिरिक्त सचिव (मध्य यूरोप) अरुण कुमार साहू ने किया, जबकि अल्बानियाई पक्ष का नेतृत्व यूरोप एवं विदेश मामलों के उप मंत्री एंड्रिट यज़ीराज ने किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत और अल्बानिया के बीच तिराना द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तार से चर्चा हुई और आपसी हितों के क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
बयान में कहा गया,“ दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर व्यापक समीक्षा की। यह समीक्षा भारत और अमेरिका के बीच पांचवें वार्षिक टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय संवाद के दौरान की गई, जिसमें दोनों देशों ने अपने संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया।”
अतिरिक्त सचिव (मध्य यूरोप) साहू ने अल्बानिया के अर्थव्यवस्था, संस्कृति एवं नवाचार उप मंत्री ओल्टा मंजानी से भी मुलाकात की। बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी संबंधों जैसे विषयों पर चर्चा की।
इस संवाद में, दोनों पक्षों ने आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने भारत-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।इसके अलावा, दोनों पक्षों ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की। उन्होंने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और स्थायी विकास को बढ़ावा देने के लिए भी सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारत ने अगस्त 2024 में अल्बानिया में अपना रेजिडेंट मिशन खोला।
वॉशिंगटन/नई दिल्ली – अमेरिका की संघीय सरकार द्वारा गठित यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। मंगलवार को जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में आयोग ने आरोप लगाया कि भारतीय खुफिया एजेंसी का संबंध सिख अलगाववादियों की हत्या की साजिशों से है। रिपोर्ट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी भाजपा का भी जिक्र किया गया है।
ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका को बदलने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। बढ़ती जनसंख्या, अव्यवस्थित शहरीकरण, ट्रैफिक जाम और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। स्थानीय नागरिकों और विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में ढाका अब रहने योग्य नहीं रह गया है और देश को एक नई राजधानी की आवश्यकता है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान को एक और बड़ी कूटनीतिक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। तुर्कमेनिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत के.के. अहसान वगान को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें एयरपोर्ट से ही डिपोर्ट कर दिया गया। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वगान लॉस एंजेलिस की निजी यात्रा पर थे, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इमिग्रेशन नियमों का हवाला देते हुए उन्हें देश में दाखिल होने से रोक दिया।