जिनेवा,12 दिसंबर विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सदस्यों ने पिछले वर्ष अक्टूबर से एक साल की अवधि में विदेश-व्यापार पर 169 नए प्रतिबंधात्मक कदम उठाए जिससे वैश्विक व्यापार वातावरण तेजी से अनिश्चित और बढ़ गयी है।
संगठन की महानिदेशक नगोजी ओकोन्जो-इवेला ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में इस तथ्य का उल्लेख किया है।
इसी दौरान व्यापार शुल्क में कटौती और प्रक्रियाओं के सरलीकरण के विभिन्न उपायों से सैकड़ों अरब डालर का व्यापार और आसान भी हुआ है।
रिपोर्ट में कहा गया है अक्टूबर 2034 से 12 महीनों के दौरान डब्ल्यूटीओ सदस्यों द्वारा लागू किए गए 169 नए व्यापार-प्रतिबंधात्मक निर्णय से कुल 887.7 अरब डॉलर के व्यापार प्रभावित होने का अनुमान है। यह इससे पिछले वर्ष इसी अवधि में पेश किए गए प्रतिबंधों के अंतर्गत आने वाले 337.1 अरब डॉलर मूल्य के व्यापार के मूल्य से काफी अधिक है।”
समीक्षा अवधि के दौरान सदस्यों द्वारा शुल्क-कटौती और प्रक्रिया-सरलीकरण जैसे निर्णयों से अनुमानित 1,440.4 अरब डॉलर मूल्य के व्यापार पर अनुकूल प्रभाव पड़ा है। ओकोन्जो-इवेला ने व्यापार में शुल्कों कटौती, सरलीकृत आयात प्रक्रियाओं और मात्रात्मक प्रतिबंधों को हटाने सहित व्यापार-सुविधा उपायों में वृद्धि का स्वागत किया है।उन्होंने कहा, "मौजूदा व्यापार प्रतिबंधों में कोई सार्थक कमी नहीं हुई है।इसका मतलब है कि व्यापार प्रतिबंधों का भंडार बढ़ता जा रहा है।"
ओकोन्जो-इवेला ने कहा कि अक्टूबर 2024 के मध्य तक लागू आयात प्रतिबंधों से दुनियाभर में सालाना करीब 2,942 अरब डॉलर मूल्य के आयात प्रभावित होते है जो कुल आयात का 11.8 प्रतिशत था। एक साल पहले यह आकड़ा 2,480 अरब डॉलर या विश्व भर में कुल आयात का 9.9 प्रतिशत था।
ओकोन्जो-इवेला ने कहा,“यहां एक महत्वपूर्ण सकारात्मक बात यह है कि फरवरी 2022 के अंत से खाद्य, चारा और उर्वरकों पर लगाए गए निर्यात प्रतिबंधों की हमारी ट्रैकिंग से पता चलता है कि इनमें काफी कमी आई है। इन वस्तुओं के आयात पर लागू प्रतिबंधों के अंतर्गत आज अनुमानित व्यापार मूल्य 11.8 अरब डॉलर का आयात आता है, जो एक साल पहले 29.6 अरब डॉलर के बराबर था।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि विश्व व्यापार ने हाल के झटकों के प्रति मजबूती का परिचय दिया है, लेकिन चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार वातावरण ‘तेजी से और अधिक नाजुक होता दिखाई दे रहा है।’
डब्ल्यूटीओ की विश्व व्यापार रिपोर्ट 2023 में कहा गया है कि यूक्रेन में संघर्ष को लेकर रूस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों का दुनिया की अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
अमेरिका पर ‘भारी’ टैरिफ लगाने वाले देशों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “औसतन, यूरोपीय संघ, चीन, ब्राजील, भारत, मैक्सिको और कनाडा क्या आपने उनके बारे में सुना है और अनगिनत अन्य देश हमसे बहुत ज़्यादा टैरिफ लगाते हैं, जितना हम उनसे वसूलते हैं।”
नई दिल्ली : भारत-बांगलादेश सीमा पर कंटीली बाड़ लगाने को लेकर उत्पन्न विवाद के बीच, रविवार को बांगलादेश सरकार ने दिल्ली में स्थित भारतीय उच्चायुक्त को तलब किया था। इसके अगले ही दिन, सोमवार को भारत ने बांगलादेश के डिप्टी हाई कमिश्नर को दिल्ली बुलाया। बांगलादेश के डिप्टी हाई कमिश्नर नूरुल इस्लाम अब साउथ ब्लॉक पहुंच चुके हैं।