नई दिल्ली, 04 मार्च राउंड-अप निवेश प्लेटफॉर्म डेसिमल ने मंगलवार को 30 लाख डॉलर की सीड फंडिंग जुटाई है।
इस निवेश के साथ जैनम ब्रोकिंग लिमिटेड ने स्टार्टअप इकोसिस्टम में अपना पहला कदम रखा है।
डेसिमल ने कहा कि यह साझेदारी जैनम की वित्तीय विशेषज्ञता को माइक्रो-इन्वेस्टमेंट के क्षेत्र में डेसिमल के अभिनव दृष्टिकोण के साथ जोड़ती है। डेसिमल एक राउंड-अप निवेश ऐप है, जो ऑनलाइन लेनदेन के दौरान खर्च की गई राशि को निकटतम 10 तक राउंड-अप करता है और बची हुई राशि को म्यूचुअल फंड में निवेश करता है। यह सुविधा यूजरों को छोटे-छोटे निवेशों के माध्यम से दीर्घकालिक धन सृजन में मदद करती है।
यह निवेश ऐसे समय में आया है जब भारत का फिनटेक उद्योग तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2025 तक बाजार का आकार 145.09 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। साथ ही 2030 तक 30.55 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ इसके 550.21 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। डेसिमल का मॉडल इस बढ़ते बाजार में वित्तीय समावेशन और माइक्रो-इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
डेसिमल के संस्थापक सत्यजीत कुंजीर ने इस फंडिंग को ‘महत्वपूर्ण मोड़’ बताते हुए कहा,
“हमने अपने उत्पाद को यूजरों की जरूरतों के अनुसार विकसित किया है और अब तेजी से आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। ऐसे समय में, जैनम ब्रोकिंग से बेहतर भागीदार नहीं हो सकता था, जिन्होंने हमारे विजन को समर्थन और दिशा दी है।”
जैनम ब्रोकिंग लिमिटेड के सीएफओ दिशांत मिलनभाई पारिख ने इस साझेदारी पर कहा,
“20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ जैनम हमेशा नवाचार और वित्तीय सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में विश्वास रखता है। डेसिमल का माइक्रो-इन्वेस्टमेंट मॉडल लोगों को सरल और प्रभावी तरीके से निवेश करने में मदद करेगा।”
इस फंडिंग के साथ डेसिमल अपने उत्पाद को और बेहतर बनाने, उपयोगकर्ता आधार बढ़ाने और टीम को मजबूत करने की दिशा में काम करेगा। कंपनी का लक्ष्य निवेश को सभी के लिए सुलभ और आसान बनाना है।
विश्लेषकों के अनुसार, पारस्परिक टैरिफ को लेकर अनिश्चितता आज की टैरिफ घोषणा के साथ कुछ हद तक कम हो सकती है। लेकिन, ट्रम्प के पहले भी टैरिफ को लेकर बार-बार अपने रुख में बदलाव करने की वजह से यह अनिश्चितता आज के बाद भी जारी रहने की संभावना है। मार्च के अंतिम कुछ कारोबारी दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के खरीददार बनने का कारण साल के अंत की तैयारियां थीं। एफआईआई की खरीददारी से होने वाली शॉर्ट-कवरिंग ने मार्च में भारत के प्रदर्शन को बेहतर बनाया।
नई दिल्ली, 26 मार्च 2025: भारतीय शेयर बाजार को दो दिनों में जबरदस्त झटका लगा है, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। 25 मार्च से शुरू हुई गिरावट ने बाजार को मंदी की ओर धकेल दिया है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं, जिससे निवेशकों की संपत्ति में 6.40 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है।
मार्च 2025 में भारतीय बाजार ने 9.4% की बढ़त के साथ वैश्विक बाजारों को पछाड़ा