मुंबई 02 अप्रैल अमेरिकी टैरिफ की अनिश्चितताओं के बावजूद स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा लिवाली की बदौलत पिछले दिवस के कोहराम से उबरकर आज शेयर बाजार ने लंबी छलांग लगाई।
बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 592.93 अंक अर्थात 0.78 प्रतिशत उछलकर 76,617.44 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 166.65 अंक यानी 0.72 प्रतिशत की तेजी के साथ 23332.35 अंक पर बंद हुआ। बीएसई की दिग्गज कंपनियों की तरह मझौली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी जमकर लिवाली हुई, जिससे मिडकैप 1.38 प्रतिशत मजबूत होकर 41,667.65 अंक और स्मॉलकैप 0.99 प्रतिशत चढ़कर 47,136.15 अंक हो गया।
इस दौरान बीएसई में कुल 4085 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 2863 में तेजी जबकि 1091 में गिरावट रही वहीं 131 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह एनएसई में कुल 2977 कंपनियों में कारोबार हुआ, जिनमें से 2148 में लिवाली जबकि 757 में बिकवाली हुई वहीं 72 के भाव स्थिर रहे।
विश्लेषकों के अनुसार, पारस्परिक टैरिफ को लेकर अनिश्चितता आज की टैरिफ घोषणा के साथ कुछ हद तक कम हो सकती है। लेकिन, ट्रम्प के पहले भी टैरिफ को लेकर बार-बार अपने रुख में बदलाव करने की वजह से यह अनिश्चितता आज के बाद भी जारी रहने की संभावना है। मार्च के अंतिम कुछ कारोबारी दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के खरीददार बनने का कारण साल के अंत की तैयारियां थीं। एफआईआई की खरीददारी से होने वाली शॉर्ट-कवरिंग ने मार्च में भारत के प्रदर्शन को बेहतर बनाया।
वहीं, अब स्थिति बदलती नजर आ रही है। पिछले दो दिनों में एफआईआई ने नकद बाजार में 10 हजार 255 करोड़ रुपये की बिक्री की, जिससे शॉर्टिंग फिर से शुरू हो गई। इसका प्रभाव कल निफ्टी में 353 अंकों की तेज गिरावट के रूप में देखा गया।
निवेशकों को सलाह है कि वे टैरिफ और बाजार के रुझान के बारे में स्पष्टता का इंतजार करें। यदि टैरिफ की घोषणाएं उम्मीद से भी अधिक कठोर होती हैं तो बाजार में एक और बड़ी बिकवाली देखी जा सकती है। हालांकि, ऐसी स्थिति में भी घरेलू खपत से जुड़े सेक्टर मजबूत बने रहेंगे और उनमें स्थिरता दिख सकती है।
बीएसई के सभी 21 समूहों में तेजी का रुख रहा। रियल्टी 3.62, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.62, कमोडिटीज 0.78, सीडी 1.70, ऊर्जा 0.17, एफएमसीजी 1.12, वित्तीय सेवाएं 0.96, हेल्थकेयर 0.70, इंडस्ट्रियल्स 0.36, आईटी 0.93, दूरसंचार 1.22, यूटिलिटीज 0.33, ऑटो 0.82, बैंकिंग 0.85, कैपिटल गुड्स 0.15, धातु 0.42, तेल एवं गैस 0.28, पावर 0.55, टेक 1.18, सर्विसेज 1.10 और फोकस्ड आईटी समूह के शेयर 0.92 प्रतिशत उछल गए।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिलाजुला रुख रहा। इस दौरान ब्रिटेन का एफटीएसई 0.85, जर्मनी का डैक्स 1.18 और हांगकांग का हैंगसेंग 0.02 प्रतिशत लुढ़क गया जबकि जापान का निक्केई 0.28 और चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.05 प्रतिशत की बढ़त रही।
शुरूआती कारोबार में सेंसेक्स 122 अंक की तेजी लेकर 76,146.28 अंक पर खुला लेकिन बिकवाली होने से थोड़ी देर बाद ही 76,064.94 अंक के निचले स्तर तक लुढ़क गया। वहीं, इसके बाद शुरू हुई लिवाली के दम पर यह लगातार बढ़ता हुआ कारोबार के अंतिम चरण में 76,680.35 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। अंत में पिछले दिवस के 76,024.51 अंक के मुकाबले 0.78 प्रतिशत की छलांग लगाकर 76,617.44 अंक पर पहुंच गया।
इसी तरह निफ्टी भी 27 अंक बढ़कर 23,192.60 अंक पर खुला और सत्र के दौरान 23,158.45 अंक के निचले जबकि 23,350.00 अंक के उच्चतम स्तर पर रहा। अंत में पिछले सत्र के 23,165.70 अंक की तुलना में 0.72 प्रतिशत उछलकर 23,332.35 अंक पर बंद हुआ।
इस दौरान सेंसेक्स की मुनाफा कमाने वाली कंपनियों में जोमैटो 4.92, टाइटन 3.77, इंडसइंड बैंक 2.88, मारुति 2.09, टेक महिंद्रा 2.04, अडानी पोर्ट्स 1.93, भारती एयरटेल 1.79, एचडीएफसी बैंक 1.70, इंफोसिस 1.46, सन फार्मा 1.02, टाटा स्टील 1.01, आईसीआईसीआई बैंक 1.00, आईटीसी 0.57, एसबीआई 0.56, हिंदुस्तान यूनिलीवर 0.37, कोटक बैंक 0.36, एचसीएल टेक 0.16, टाटा मोटर्स 0.06 और महिंद्रा एंड महिंद्रा 0.03 प्रतिशत शामिल रहीं।
वहीं, नेस्ले इंडिया 1.36, पावरग्रिड 0.88, अल्ट्रासिम्को 0.88, बजाज फिनसर्व 0.68, एलटी 0.41, एशियन पेंट 0.38, बजाज फाइनेंस 0.33, टीसीएस 0.15, रिलायंस 0.11, एनटीपीसी 0.07 और एक्सिस बैंक के शेयर 0.05 प्रतिशत नुकसान में रहे।
विश्लेषकों के अनुसार, पारस्परिक टैरिफ को लेकर अनिश्चितता आज की टैरिफ घोषणा के साथ कुछ हद तक कम हो सकती है। लेकिन, ट्रम्प के पहले भी टैरिफ को लेकर बार-बार अपने रुख में बदलाव करने की वजह से यह अनिश्चितता आज के बाद भी जारी रहने की संभावना है। मार्च के अंतिम कुछ कारोबारी दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के खरीददार बनने का कारण साल के अंत की तैयारियां थीं। एफआईआई की खरीददारी से होने वाली शॉर्ट-कवरिंग ने मार्च में भारत के प्रदर्शन को बेहतर बनाया।
नई दिल्ली, 26 मार्च 2025: भारतीय शेयर बाजार को दो दिनों में जबरदस्त झटका लगा है, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। 25 मार्च से शुरू हुई गिरावट ने बाजार को मंदी की ओर धकेल दिया है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं, जिससे निवेशकों की संपत्ति में 6.40 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है।
मार्च 2025 में भारतीय बाजार ने 9.4% की बढ़त के साथ वैश्विक बाजारों को पछाड़ा