विश्लेषकों के अनुसार, पारस्परिक टैरिफ को लेकर अनिश्चितता आज की टैरिफ घोषणा के साथ कुछ हद तक कम हो सकती है। लेकिन, ट्रम्प के पहले भी टैरिफ को लेकर बार-बार अपने रुख में बदलाव करने की वजह से यह अनिश्चितता आज के बाद भी जारी रहने की संभावना है। मार्च के अंतिम कुछ कारोबारी दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के खरीददार बनने का कारण साल के अंत की तैयारियां थीं। एफआईआई की खरीददारी से होने वाली शॉर्ट-कवरिंग ने मार्च में भारत के प्रदर्शन को बेहतर बनाया।
नई दिल्ली, 26 मार्च 2025: भारतीय शेयर बाजार को दो दिनों में जबरदस्त झटका लगा है, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। 25 मार्च से शुरू हुई गिरावट ने बाजार को मंदी की ओर धकेल दिया है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं, जिससे निवेशकों की संपत्ति में 6.40 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है।
मार्च 2025 में भारतीय बाजार ने 9.4% की बढ़त के साथ वैश्विक बाजारों को पछाड़ा