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Dainik Vishwamitra

शुक्रवार ४ अप्रैल

मंदी की आहट : शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट, निवेशकों के 6.40 लाख करोड़ रुपये स्वाहा



नई दिल्ली, 26 मार्च 2025: भारतीय शेयर बाजार को दो दिनों में जबरदस्त झटका लगा है, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। 25 मार्च से शुरू हुई गिरावट ने बाजार को मंदी की ओर धकेल दिया है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं, जिससे निवेशकों की संपत्ति में 6.40 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है।

बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में आई इस मंदी के पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं:

अमेरिकी टैरिफ नीति को लेकर अनिश्चितता – वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ रही है।

तेजी के बाद बिकवाली का दबाव – लगातार सात दिनों की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल – महंगाई बढ़ने की आशंका से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।

बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट – बैंकिंग, आईटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारी बिकवाली हुई।

डॉलर इंडेक्स में मजबूती – विदेशी निवेशकों की निकासी से बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।

सेंसेक्स और निफ्टी की स्थिति
बुधवार को बीएसई सेंसेक्स करीब 800 अंकों की गिरावट के साथ 77,237.24 पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान यह 77,229.77 के निचले स्तर तक पहुंच गया, जबकि सुबह 78,021.45 पर खुला था।
इसी तरह, निफ्टी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली, जो 205 अंकों की गिरावट के साथ 23,463.65 पर पहुंच गया।

आगे क्या हो सकता है?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक और घरेलू स्थितियां जल्द नहीं सुधरतीं तो यह मंदी और गहरी हो सकती है। हालांकि, कुछ निवेशकों के लिए यह गिरावट दीर्घकालिक निवेश का अवसर भी हो सकती है।


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    विश्लेषकों के अनुसार, पारस्परिक टैरिफ को लेकर अनिश्चितता आज की टैरिफ घोषणा के साथ कुछ हद तक कम हो सकती है। लेकिन, ट्रम्प के पहले भी टैरिफ को लेकर बार-बार अपने रुख में बदलाव करने की वजह से यह अनिश्चितता आज के बाद भी जारी रहने की संभावना है। मार्च के अंतिम कुछ कारोबारी दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के खरीददार बनने का कारण साल के अंत की तैयारियां थीं। एफआईआई की खरीददारी से होने वाली शॉर्ट-कवरिंग ने मार्च में भारत के प्रदर्शन को बेहतर बनाया।

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    नई दिल्ली, 26 मार्च 2025: भारतीय शेयर बाजार को दो दिनों में जबरदस्त झटका लगा है, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। 25 मार्च से शुरू हुई गिरावट ने बाजार को मंदी की ओर धकेल दिया है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं, जिससे निवेशकों की संपत्ति में 6.40 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है।

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