मुंबई 04 अप्रैल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ घोषणा से वैश्विक मंदी आने की आशंका से घबराए निवेशकों की स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा बिकवाली से शेयर बाजार में आज शुरुआती कारोबार में हाहाकार मच गया।
बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 830.40 अंक अर्थात 1.09 प्रतिशत का गोता लगाकर 76 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 75,464.96 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 312.25 अंक यानी 1.34 प्रतिशत लुढ़ककर 23 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 22,937.85 अंक पर आ गया।
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 135 अंक की गिरावट लेकर 76,160.09 अंक पर खुला और खबर लिखे जाने तक 76,258.12 अंक के उच्चतम जबकि 75,435.75 अंक के निचले स्तर पर रहा। इसी तरह 60 अंक टूटकर 23,190.40 अंक पर खुला निफ्टी भी 23,214.70 अंक के उच्चतम जबकि 22,921.60 अंक के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार, पारस्परिक टैरिफ को लेकर अनिश्चितता आज की टैरिफ घोषणा के साथ कुछ हद तक कम हो सकती है। लेकिन, ट्रम्प के पहले भी टैरिफ को लेकर बार-बार अपने रुख में बदलाव करने की वजह से यह अनिश्चितता आज के बाद भी जारी रहने की संभावना है। मार्च के अंतिम कुछ कारोबारी दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के खरीददार बनने का कारण साल के अंत की तैयारियां थीं। एफआईआई की खरीददारी से होने वाली शॉर्ट-कवरिंग ने मार्च में भारत के प्रदर्शन को बेहतर बनाया।
नई दिल्ली, 26 मार्च 2025: भारतीय शेयर बाजार को दो दिनों में जबरदस्त झटका लगा है, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। 25 मार्च से शुरू हुई गिरावट ने बाजार को मंदी की ओर धकेल दिया है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं, जिससे निवेशकों की संपत्ति में 6.40 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है।